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सिंगापुर बेस्ड कंपनी ‘ओलम’ उज्जैन में बनाएगी चॉकलेट

एफडीआई से मिला उज्जैन विक्रम उद्योगपुरी को 289 करोड़ के बड़े निवेश का प्रस्ताव

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। उज्जयिनी अब उद्योग और निवेश की नई राजधानी बन रही है। विक्रम उद्योगपुरी में विश्वस्तरीय फूड प्रोसेसिंग कंपनी ओलम ने दस्तक दी है। ओलम फूड इंग्रीडिएंट्स (ओएफआई) ने प्रत्यक्ष विदेश निवेश के (एफडीआई) के तहत 289 करोड़ रुपए के बड़े निवेश का प्रस्ताव रखा है। कंपनी यहां चॉकलेट प्रोसेसिंग यूनिट लगाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिन पर मिले इस प्रस्ताव को ‘मिठास भरा तोहफा’ कहा जा रहा है। कंपनी के इंडिया सीएफओ अमित खाखोलिया ने बुधवार को एमपीआईडीसी के ईडी राजेश राठौड़ से मुलाकात कर विक्रम उद्योगपुरी (डीएमआईसी) में करीब 10 एकड़ जमीन मांगी है। ओलम जैसी मल्टीनेशनल कंपनी का आना इस बात का संकेत है कि उज्जैन अब अंतरराष्ट्रीय निवेश के नक्शे पर उभर रहा है। दुनिया के छह महाद्वीपों में फैली ओलम कंपनी की मौजूदगी और भरोसा उज्जैन के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।

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640 लोगों को मिलेगा रोजगार

ओलम करीब 650 से ज्यादा लोगों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देगी। स्थानीय युवाओं को नई स्किल सीखने का मौका भी मिलेगा। छोटे उद्योगों को काम मिलेगा और ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और सर्विस सेक्टर में तेजी आएगी। ऐसी बड़ी इंडस्ट्री के शुरू होने से छोटे उद्योग खुद-ब-खुद पनपने लगते हैं। यही उज्जैन में भी देखने को मिलेगा। कच्चा माल, पैकेजिंग, सप्लाई, लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र में स्थानीय कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे। उज्जैन का इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम मजबूत होगा और शहर आर्थिक रूप से और सशक्त बनेगा।

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आइए जानते हैं ओलम को दुनियाभर में फैला है नेटवर्क

ओलाम फूड इंग्रीडिएंट्स दुनिया की बड़ी फूड कंपनियों में से एक है, जो कोको, कॉफी, डेयरी, नट्स और मसालों जैसे खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रोडक्ट तैयार करती है। कंपनी का काम दुनिया के कई हिस्सों में फैला है। इनमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य-पूर्व, उत्तर अमेरिका और लैटिन अमेरिका शामिल हैं। ओएफआई की दुनिया में 120 से ज्यादा फैक्ट्रियां और 19 रिसर्च (इनोवेशन) सेंटर हैं। कंपनी बेहतर तकनीक, अच्छी क्वालिटी और भरोसेमंद सप्लाई के लिए जानी जाती है।

उज्जैन में ओलाम फूड इंग्रीडिएंट्स का प्रस्तावित एफडीआई निवेश प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि मध्यप्रदेश वैश्विक कंपनियों के लिए भरोसेमंद स्टेट है। ओएफआई की मौजूदगी से निवेश तो बढ़ेगा ही उज्जैन भी वैश्विक फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के नक्शे पर भी स्थापित होगा।-राजेश राठौड़, ईडी एमपीआईडीसी

महाकाल के लड्डू के साथ चॉकलेट से भी बनेगी पहचान

अभी तक श्री महाकालेश्वर मंदिर के लड्डू उज्जैन की पहचान बना रहे थे, अब ओलाम फूड इंग्रीडिएंट्स का प्रस्ताव आस्था के साथ-साथ औद्योगिक ताकत के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा। आने वाले सालों में जब उज्जैन का नाम लिया जाएगा, तो महाकाल के लड्डू के लिए के साथ ओलम की ‘चॉकलेट की मिठास भी याद की जाएगी।

उज्जैन में बनेगी इंपोर्टेड चॉकलेट

प्रोजेक्ट के तहत औद्योगिक स्तर पर चॉकलेट उत्पादन होगा। यहां हाई क् वालिटी की चॉकलेट स्लैब, चॉकलेट चिप्स और बल्क लिक्विड चॉकलेट तैयार होंगीे। बड़े-बड़े ब्रांड्स की कुकी, केक और मिठाइयों में इस चॉकलेट को जगह मिलती है।

ईडी बोले: घबराने की जरूरत नहीं

उज्जैन। देश में गहराते गैस संकट के बीच मध्य प्रदेश औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एमपीआईडीसी) के ईडी राजेश राठौड़ ने उद्योगपतियों के साथ मीटिंग की और कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन गैस सप्लाई कंपनियां समाधान पर काम कर रही हैं। औद्योगिक उत्पादन बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

मौजूदा दौर अस्थायी है। उन्होंने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने और ईंधन के वैकल्पिक साधनों को अपनाने की सलाह दी। राठौड़ ने गताया कि गुजरात गैस कंपनी पीएनजी सप्लाई नेटवर्क पर तेजी से काम कर रही है। जल्द ही फैक्टरियों तक बिछी लाइनों में सप्लाई शुरू हो जाएगी।राज्य सरकार ने प्रदेश के कुल गैस कोटे में से 5 प्रतिशत हिस्सा उद्योगों के लिए आरक्षित कर दिया है। असिस्टेंट सप्लाई ऑफिसर संतोष कुमार ने उद्योग प्रतिनिधियों से उनकी वास्तविक मांग का ब्यौरा मांगा है ताकि गैस वितरण का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।

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