Advertisement

सेवाधाम आश्रम केस: हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, पीआईएल दर्ज करने का आदेश

युगपुरुष आश्रम से शिफ्ट 56 बच्चे और 30 एडल्ट में से 17 की मौत पर मांगा जवाब

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अंबोदिया स्थित अंकित सेवाधाम में इंदौर के युगपुरुष आश्रम से शिफ्ट 11 बच्चे और 6 एडल्ट की मौत पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर पीआईएल दर्ज करने का आदेश दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।

इंदौर खंडपीठ के जस्टिस विजयकुमार शुक्ला व जस्टिस आलोक अवस्थी ने माना कि प्रथमदृष्टया मामला बच्चों के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा प्रतीत होता है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के साथ किशोर न्याय अधिनियम, 2015 व दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन की ओर संकेत करता है। इंदौर के युगपुरुषआश्रम में 10 दिव्यांग व अनाथ बच्चों व एडल्ट की मौत के बाद 86 लोगों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में भेजा गया था। इनमें से 17 की मौत हो चुकी है। इसके बाद से हलचल मची हुई है।

Advertisement

मुख्य सचिव को भी नोटिस जारी

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त, कलेक्टर उज्जैन, एसपी उज्जैन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी एवं सेवाधाम आश्रम के अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। उज्जैन सेवाधाम आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।

Advertisement

प्रदेश के अनाथालयों की रिपोर्ट मांगी

कोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदेश में संचालित सभी चाइल्ड केयर होम, अनाथालयों की संख्या, उनकी स्थिति व निरीक्षण रिपोर्ट भी मांगी है। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित अग्रवाल को न्यायमित्र नियुक्त करते हुए उन्हें और उप महाधिवक्ता को सेवाधाम आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट मांगी गई है। तय समय में विभागीय स्तर पर रिपोर्ट समिट कर दी जाएगी।

पहले से ही मल्टीपल बीमारी से ग्रसित थे शिफ्टेड लोग

आश्रम संस्थापक सुधीरभाई गोयल ने बताया कि युगपुरुष आश्रम इंदौर से 56 बच्चे और 30 एडल्ट को उज्जैन शिफ्ट किया गया था। इनमें से 11 बच्चे और 6 एडल्ट की मल्टीपल बीमारी के कारण मौत हुई। अभी भी जो लोग हैं, वह गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इनकी सेवा और संभाल करना अपने आपमें बड़ी चुनौती है। युगपुरुष आश्रम में ही यह सब गंभीर संक्रमण का शिकार हुए थे।

Related Articles

Write a review