उज्जैन:गरीब बस्तियों में फैला है सूदखोरों का जाल

महिलाओं के समूह बनाकर लोन के नाम पर चल रहा गोरख धंधा

उज्जैन।पिछले 1 सप्ताह में 4 से अधिक लोग सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या कर चुके हैं, जबकि शुक्रवार रात एक व्यक्ति ने सूदखोरों से परेशान होकर शिप्रा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया सभी मामलों में पुलिस द्वारा कब तक सिर्फ जांच की बात कही जा रही है, लेकिन किसी भी सूदखोर के खिलाफ एफ आई आर दर्ज नहीं की गई है, जबकि सूदखोरों का जाल गरीब बस्तियों और मजदूरों के सराय तक फैला हुआ है.
यह इलाके सूदखोरों के निशाने पर
शहर के गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों की कॉलोनियां बापूनगर, गांधीनगर, मोहननगर, शहीद नगर, विराटनगर, शास्त्री नगर, एकता नगर, गोंडा बस्ती, नीलगंगा क्षेत्र, नानाखेड़ा क्षेत्र, भामाशाह ,शंकरपुर आदि इलाकों में सूदखोरों ने महिलाओं के समूह बनाकर प्रतिदिन और महीने के हिसाब से रुपए एकत्रित कर बांटने का सिस्टम बनाया है।
इन महिलाओं में अधिकांश वह हैं जो छोटे-मोटे काम जैसे अगरबत्ती बनाना घरों पर सफाई फैक्ट्रियों में पैकेजिंग आदि के काम और दिहाड़ी मजदूरी करने वाली होती है। इन महिलाओं को सूदखोरों द्वारा जरूरत पडऩे पर 5 से 10त्न ब्याज लेकर रुपए उपलब्ध कराए जाते हैं और हर महीने ब्याज वसूली के साथ समूह के माध्यम से मिलने वाली राशि भी मूलधन के रूप में ली जाती है।
सरकारी ऑफिसों से लेकर सराय तक फैले हैं सूदखोर
सूदखोरों के शिकार सरकारी ऑफिसों से लेकर सराय में मजदूरी करने वाले लोग भी बनते हैं जिला पंचायत विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन विकास प्राधिकरण हाउसिंग बोर्ड नगर निगम शिक्षा विभाग के अनेक कर्मचारी सूदखोरों के जाल में फस कर 10 से 20त्न प्रतिमा के ब्याज पर उधार रुपए लेते हैं वही छत्री चौक फ्रीगंज सराय में मजदूरी करने वाले ठेला चला कर फल फ्रूट सब्जी बेचने वाले इन सूदखोरों के चंगुल में फंसकर ब्याज के चक्कर में फस जाते हैं।
इसलिए नहीं होती सजा
बिना लाइसेंस के पठानी ब्याज पर सूदखोरी का धंधा करने वाले बदमाश वकीलों द्वारा बताए गए रास्तों पर पूरी तरह अमल करने के बाद ही जरूरतमंदों व मजदूरों को रुपए उधार देते हैं। जैसे कि किसी व्यक्ति को रुपयों की आवश्यकता है और गिरवी रखने के लिए उसके पास कुछ भी नहीं तो भी सूदखोर उसे ब्लैंक चेक स्टांप पेपर के आधार पर उधार रुपए दे देते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि उधार लेने वाला व्यक्ति यदि पुलिस में या कोर्ट में शिकायत अथवा केस करता है तो बचने के लिए
यही कागजात काम आएंगे।
गुंडे बदमाशों का सहारा
सूदखोरी का धंधा चलाने वाले लोग अपने साथ गुंडे बदमाशों की टोली रखते हैं जिनका खर्चा भी सूदखोरों द्वारा उठाया जाता है यदि कोई व्यक्ति रुपए लौटाने में आनाकानी करें या समय पर ब्याज का भुगतान नहीं करें तब इन्हीं बदमाशों की मदद से उधार लेने वाले व्यक्ति को धमकाया जाता है और कई मामलों में पिटाई भी की जाती है।









