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संगीत का जीवन में बहुत ही खास महत्व

विश्व संगीत दिवस पर विशेष

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन गायन मानव के लिए प्राय: उतना ही स्वाभाविक है जितना भोजन। संगीत एक ऐसा माध्यम है जो हमारे जीवन में कई मोड़ पर हमारी जरूरतों को पूरा करता है। इसका मतलब है कि जिंदगी का वजूद ही संगीत से जुड़ा हुआ है। संगीत का हमारे जीवन में बहुत ही खास महत्व है। यह मन को सुकून एवं शांति तो देता है साथ में थेरेपी का भी काम करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संगीत एक ऐसी भाषा है,जो तनाव को कम करने में काफी मददगार साबित होता है। संगीत के क्षेत्र में उज्जैन के अनेक कलाकारों ने केवल अपनी गायन-वादन की कला से देश-विदेश में परचम लहराया है,बल्कि कला के इस क्षेत्र में नवोदित कलाकारों को तैयार किया है और यह क्रम निरंतर जारी है।

महत्व को शब्दों में बताना आसान नहीं

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शास्त्रीय गायन में 50 से अधिक वर्षों से तल्लीन ख्यात गायक सुधाकर देवले का कहना है,गीत-संगीत के महत्व को शब्दों में बयां करना इतना आसानी नहीं है क्योंकि किसी के लिए संगीत साधन तो किसी के लिए साधना है। गीत- संगीत एक कला रूप है जिसका माध्यम ध्वनि और मौन है, जो समय के साथ घटित होता है।

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संगीत के सामान्य तत्व हैं पिच (जो माधुर्य और सामंजस्य को नियंत्रित करता है),लय,गतिकी,समय और बनावट के ध्वनि गुण। शात्रीय गायन संगीत कला वाद्ययंत्रों, संगीत इतिहास और सिद्धांत, रचना और संचालन का अध्ययन है। समय में ध्वनि की एक कला जो लय, माधुर्य, सामंजस्य और रंग के तत्वों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को महत्वपूर्ण रूपों में व्यक्त करती है। प्रयुक्त स्वर या ध्वनियां, जो एकल पंक्ति (राग) या एकाधिक पंक्तियों (सामंजस्य) में होती हैं, और एक या अधिक आवाज़ों या उपकरणों, या दोनों द्वारा सुनाई जाती हैं या सुनाई जाने वाली होती हैं। अभी तक अनेक कलाकारों को शास्त्रीय गायन में निपुण कर चुके देश-विदेश में हजारों से शिष्य है।

संगीत बहुत सारे काम करता है


गिटार,प्यानो और ड्रम के निपुण कलाकार अभिजीत आपटे इस विधा में एक हजार से अधिक युवा कलाकारों को प्रशिक्षित कर चुके है। अभिजीत का कहना है कि संगीत बहुत सारे काम करता है। इसका उपयोग एक श्रवण उपकरण के रूप में किया जा सकता है, यह जानकारी संप्रेषित कर सकता है, यह हमारे समुदायों को समृद्ध कर सकता है, यह मनोरंजन प्रदान कर सकता है, यह मनुष्यों को सुंदरता के संपर्क में ला सकता है, और यह सिर्फ संगीत हो सकता है। गायन, वाद्य वादन एवं नृत्य, तीनों कलाओं का समावेश संगीत शब्द में माना गया है। तीनो स्वतंत्र कला होते हुए भी एक दूसरे की पूरक है। इंसान की जिंदगी से संगीत का रिश्ता हमेशा से अटूट रहा है। ऐसे में अगर आप जीवनभर तनाव से दूर और खुशहाल रहना चाहते हैं तो जितनी जल्दी हो सके संगीत से रिश्ता कायम कर लीजिए। संगीत की खूबी भी यही है कि जब चाहें, जैसा चाहें सुने और फिर अपना मूड बदल लें।

संगीत से रिश्ता कायम कर लीजिए


ताल वाद्य के कलाकार जयेंद्र रावल की अपनी संगीत अकादमी है। वे १८ से २० वर्षों से अपनी कला-साधना के साथ इंसान की जिंदगी से संगीत का रिश्ता हमेशा से अटूट रहा है। ऐसे में अगर आप जीवनभर तनाव से दूर और खुशहाल रहना चाहते हैं तो जितनी जल्दी हो सके संगीत से रिश्ता कायम कर लीजिए। संगीत की खूबी भी यही है कि जब चाहें, जैसा चाहें सुने और फिर अपना मूड बदल लें। जिस तरह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक खाने की आवश्यकता पड़ती है ठीक उसी तरह हमारी आत्मा को स्वस्थ और सकारात्मक रखने के लिए संगीत की आवश्यकता पड़ती है। आप चाहे कितने भी व्यस्त क्यों ना हों हम यही कहेंगे कुछ समय अपने लिए भी निकालिए और संगीत का संग अपनाइए। वजह, कई शोध यही बताती है कि संगीत का असर हमारे शरीर और मन दोनों पर पड़ता है।

समय का साथी है संगीत


संगीत शिक्षक रजनी नागर का कहना है कि संगीत बहुत सारे काम करता है। इसका उपयोग एक श्रवण उपकरण के रूप में किया जा सकता है, यह जानकारी संप्रेषित कर सकता है, यह हमारे समुदायों को समृद्ध कर सकता है, यह मनोरंजन प्रदान कर सकता है, यह मनुष्यों को सुंदरता के संपर्क में ला सकता है, और यह सिर्फ संगीत हो सकता है। संगीत के मुख्य लाभों में से एक इसकी भावनाओं को जगाने और ऐसा माहौल बनाने की क्षमता है जो हमारे मूड को प्रभावित कर सकता है। उदाहरण के लिए, शांत संगीत सुनने से तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है, जबकि उत्साहित संगीत हमारे मूड और ऊर्जा के स्तर में सुधार कर सकता है।

संगीत से क्या होता है लाभ?

कठिन समय में किसी के लिए जीने का हौंसला तो बुरे दौर में किसी की ताकत और राहत।

तनाव और चिंता को करता है दूर

हाई ब्लड-प्रेशर और स्ट्रोक में मददगार

शारीरिक व मानसिक दर्द करता है कम

शरीर के दर्द को करता है कम

बढ़ाता है याददाश्त

नींद अच्छी आती है

संगीत कम खाने में मददगार है

110 देशों में मनाया जाता है

विश्व संगीत दिवस सम्पूर्ण विश्व में प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। विश्व संगीत दिवस को ‘फेटे डी ला म्यूजिकÓ के नाम से भी जाना जाता है। इसका अर्थ है ‘संगीत उत्सवÓ। विश्व संगीत दिवस के अलावा इसे संगीत समारोह के रूप में भी जाना जाता है। विश्व संगीत दिवस कुल 110 देशों में मनाया जाता है। विश्व में सदा ही शांति बरकरार रखने के लिए ही फ्रांस में पहली बार 21 जून 1982 में प्रथम विश्व संगीत दिवस मनाया गया था। विश्व संगीत दिवस को मनाने का उद्देश्य अलग-अलग तरीके से लोगों को संगीत के प्रति जागरूक करना है ताकि लोगों का विश्वास संगीत से नहीं उठे। इसको मनाने का उद्देश्य अलग-अलग तरीके सेम्यूजिक का प्रोपेगैंडा तैयार करने के अलावा एक्सपर्ट व नए कलाकारों को इक्क्ठा करके एक मंच पर लाना है। विश्व भर में, इस दिन संगीत और ललित कला को प्रोत्साहित करने वाले कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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