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बरसात की झमाझम झड़ी का इंतजार है सभी को

मौसम का मिजाज : मानसूनी माहौल रहा, रिमझिम से ज्यादा पानी नहीं बरसा

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन मौसम का मिजाज मानसूनी तो है,लेकिन पानी बरस नहीं रहा है। बादल छाए रहते है। उमस भी परेशान करती है, लेकिन बारिश तेज नहीं हो रहीं है। बुधवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में रिमझिम पानी गिरा। सभी को झमाझम झड़ी का इंतजार है हालांकि मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है,पर अलर्ट के अनुसार बरसात नहीं हुई।

वैसे पिछले 10 साल से जुलाई का का ट्रेंड भी रहा है कि 15 के बाद अगले 16 दिनों में तेज बारिश होती रही है। इस बार भी हालात वैसे ही बने हुए हैं। वहीं शहर के आसपास के तालाबों की स्थिति भी ठीक नहीं है। उनमें क्षमता से आधा भी पानी नहीं बचा है।

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आई फ्लू के मामले बढ़े

अस्पतालों में इन दिनों बारिश के चलते आंखों में लालपन, खुजली और पलके चिपकने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या इजाफा हुआ है। नमी भरा वातावरण/ मौसम आई फ्लू वायरस के लिए अनुकूल हो जाता है। ऐसे में आई फ्लू के मामले बढ़े है।

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उमस बढ़ती जा रही है

जुलाई के 17 दिन बीत चुके हैं। शहर में कभी कम तो कभी ज्यादा बारिश भी हो रही है। इसके बावजूद उमस कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार जुलाई में उमस बहुत अधिक है। सामान्य तौर पर इन दिनों यह कम हो जाती है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानियों के अनुसार इसकी यह खास वजह यह है कि बादल छट नहीं पा रहे हैं। दिन में धूप भी निकल रही है। जब तापमान और नमी दोनों ज्यादा होते हैं तब उमस भी ज्यादा पड़ती है।

जुलाई में लगातार बारिश नहीं हो रही है। कुछ देर थोड़ा बहुत पानी बरस जाता है। दिन और रात का तापमान भी कम नहीं हो पा रहा है। लगातार हो रही धीमी बारिश के कारण वातावरण में नमी भी बहुत अधिक है। उमस कम होने के लिए लॉन्ग वेव रेडिएशन का तेजी से होना जरूरी है। इस रेडिएशन का यह मतलब है कि दिन में होने वाली तपिश शाम ढलने के बाद रेडिएशन के जरिए वापस आसमान की ओर लौटती है। बादल छाए रहने के कारण यह रेडिएशन धीमे-धीमे हो रहा है।

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