हरिफाटक रेलवे ब्रिज अब हो सकता है पांच भुजाओं वाला

एक भुजा महाकाल लोक की तरफ उतारने की योजना पर मंथन

गदापुलिया तरफ की भुजा का चौड़ीकरण संभव नहीं
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। शहर का हरिफाटक रेलवे ओवरब्रिज इस सिंहस्थ में पांच भुजाओं वाला होने की संभावना है। रेलवे के साथ लोक निर्माण विभाग सेतु के अधिकारियों द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में यह बात उभरी है कि गदापुलिया तरफ की भुजा का चौड़ीकरण संभव नहीं है। इसे छोड़कर ब्रिज चौड़ीकरण पर कितना खर्च आ सकता है, इसका एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
सिंहस्थ 1992 में हरिफाटक रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया था। तब इसकी तीन भुजाएं थीं। त्रिवेणी संग्रहालय तरफ की चौथी भुजा बाद में नगर निगम ने बनाई थी। आने वाले सिंहस्थ 2028 को देखते हुए लोक निर्माण विभाग सेतु ने इसे 15 मीटर चौड़ा करने की योजना बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है।
रेलवे के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण भी हो चुका है। इसमें गदापुलिया तरफ ब्रिज चौड़ीकरण की फिजीबिलिटी नहीं मिल सकी है, क्योंकि एक तरफ रेलवे लाइन है और दूसरी तरफ प्राधिकरण द्वारा विकसित वेध कॉलोनी रविशंकर नगर है। इस कॉलोनी के मकानों का चौड़ीकरण करने के लिए करोड़ों रुपए का मुआवजा देना पड़ेगा।
महाकाल लोक के लिए बन सकती नई शाखा : इंदौर रोड से ब्रिज के मध्य एक भुजा को महाकाल लोक की तरफ उतारा जा सकता है। इस पर भी अधिकारियों में सहमति बनी है। इसके आधार पर लोक निर्माण विभाग सेतु के अधिकारियों द्वारा योजना तैयार कर एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है, जिसे फाइनल रूप देने के बाद सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
अभी एस्टीमेट की प्रक्रिया में
कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए हरिफाटक ब्रिज को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर अभी काम चल रहा है।
इन भुजाओं का होगा चौड़ीकरण
इंदौर रोड तरफ से सीधे नीलकंठ द्वार तक ब्रिज को 15 मीटर चौड़ा किया।जाएगा।
त्रिवेणी संग्रहालय तरफ की शाखा का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित।








