बाबा महाकाल ने पहना 3 क्विंटल फूल-फलों से बना सेहरा

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिन से चल रहे महाशिवरात्रि उत्सव में गुरुवार तड़के बाबा महाकाल को 3 क्विंटल फूल-फलों से बना सेहरा चढ़ाया गया।

इस दिव्य दर्शन को पाने के लिए श्रद्धालु बेताब रहे। पूरी रात मंदिर में दर्शन चलते रहे। दोपहर भस्मार्ती से पहले सेहरा उतारा गया और बाबा की साल में एक बार होने वाली भस्मार्ती की गई। इस मौके के साक्षी चुनिंदा लोग ही बन सके।
महाशिवरात्रि के अवसर पर महाभिषेक 101 लीटर दूध समेत दही, शक्कर, शहद, घी, फलों के रस, गन्ने के रस, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और केसर मिश्रित दूध से किया गया। इसके बाद उन्हें जल से स्नान कराया गया।
महाभिषेक के बाद भगवान को नए वस्त्र पहनाए गए और सप्तधान्य से उनका मुखारविंद श्रृंगारित किया गया। इनमें 31 किलो चावल, 11-11 किलो मूंग, तिल, मसूर, जौ, गेहूं, साल और उड़द अर्पित किए गए।
सप्तधान अर्पण के बाद भगवान को सेहरा चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें अलग-अलग प्रकार के फूलों की लड़ियां, आंकड़े के फूल और पुष्पों की मोटी-मोटी मालाएं चढ़ाई गईं। भगवान को सवा लाख बिल्वपत्र अर्पित किए गए। इसके बाद स्वर्ण और रजत आभूषण, छत्र, चंद्र मुकुट और त्रिपुंड अर्पित किए गए। मंदिर समिति की ओर से भगवान को चांदी का एक सिक्का और चांदी का एक बिल्वपत्र चढ़ाया गया।









