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केदारनाथ में 9 घंटे की यात्रा 36 मिनट में होगी पूरी

Kedarnath और Hemkund Sahib रोप-वे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

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नईदिल्ली। केंद्र ने केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के लिए रोप-वे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, अभी जो यात्रा 8-9 घंटे में पूरी होती है, वह घटकर 36 मिनट की हो जाएगी।

इसमें 36 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक (12.9 किमी) और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक (12.4 किमी) का रोपवे बनेगा। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इसे बनाएगा। भगवान शिव का मंदिर केदारनाथ में है। यह समुद्र तल से 3,584 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां मंदाकिनी नदी है। केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है

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हेमकुंड साहिब के रोपवे पर 2,730.13 करोड़ खर्च होंगे

गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किमी रोपवे बनेगा। इसमें 2,730.13 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रोपवे से हर घंटे 1100 और हर दिन 11 हजार यात्रियों को ले जाया जाएगा। हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 15 हजार फीट है। यहां स्थापित गुरुद्वारा मई से सितंबर के बीच साल में लगभग 5 महीने के लिए खुलता है। हर साल लगभग 2 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं। मोदी कैबिनेट ने पैन 2.0 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।

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हर घंटे 1800 यात्रियों को पहुंचाया जाएगा

केदारनाथ में बनने वाला रोपवे सबसे एडवांस्ड ट्राई केबल डिटेचेबल गोंडोला टेक्नीक वाला होगा। इससे हर घंटे 1800 और हर दिन 18 हजार तीर्थ यात्रियों को पहुंचाया जाएगा।

केदारनाथ जाने में एक तरफ से कम से कम 9 घंटे का समय लगता है। रोपवे बन जाने के बाद यह यात्रा 36 मिनट में होगी। केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की कठिन चढ़ाई है। अभी इसे पैदल, पालकी, टट्टू और हेलिकॉप्टर से पूरा किया जाता है। दिल्ली से हेमकुंड साहिब करीब 515 किमी दूर है। जोशीमठ से गोविंद घाट की दूरी करीब 47 किमी है।

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