रामघाट पर कैसे आ गया कारों का काफिला…

उज्जैन। होली और रंगपंचमी या कोई भी त्यौहार हो रामघाट पर वाहनों का काफिला नहीं आ सकता। कारण यह है कि रामानुजकोट के सामने राम मंदिर के नीचे नगर निगम द्वारा स्थाई बेरिकेड लगाया गया है। आम दिनों में भी यहां से किसी भी वाहन चालक को रामघाट की ओर जाने नहीं दिया जाता है।
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त्यौहारों के अवसर पर तो यहां पर यातायात पुलिस के जवान भी तैनात रहते हैं। सवाल यह है कि रंगपंचमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व के अवसर पर यहां पर बड़ी संख्या में कारें कैसे आ गईं। बताया जाता है कि बेरिकेड पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। लोगों ने उसे ऊंचा किया और अपने वाहन नदी तक ले आए।
नदी पर तैनात रहते हैं जवान
शिप्रा नदी पर सुरक्षा की दृष्टि से महाकाल पुलिस द्वारा दो पुलिसकर्मियों की बारी बारी से ड्यूटी लगाई जाती है। एक जवान शिप्रा गंगा मंदिर से लेकर छत्री तक व दूसरा सुनहरी घाट से लेकर आगे तक अपनी ड्यूटी करता है। जब यह कारें यहां आ रही थीं तब दोनों जवान कहां थे। पुलिसकर्मियों के अलावा शिप्रा नदी के घाटों की सुरक्षा व श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए 8-8 होमगार्ड जवान तैनात रहते हैं। उक्त जवान भी घाट तक वाहन लाने ले जाने वालों को नहीं रोकते।










