मृगनयनी, विंध्या वैली और प्राकृत ब्रांड के केंद्र जिला स्तर पर खोलेंगे : सीएम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैंडलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों और लाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी, विंध्या वैली और प्राकृत तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्रांड के विक्रय केंद्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाएगा। सीएम कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
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निजी क्षेत्र की मदद भी लेंगे- इस गतिविधि में निजी क्षेत्र की मदद भी ली जाएगी। हैंडलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति की जाएगी। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री को एक जिला-एक उत्पाद के उत्पाद भेंट किए गए।
वॉकथान जैसे आयोजन करें मुख्यमंत्री ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकत्र करने भी कहा।









