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MBBS सीट दिलाने के नाम पर 4.25 लाख रुपए की ठगी की

बिहार के मेडिकल कॉलेज का फर्जी प्रिंसिपल बनकर बनाया निशाना, फर्जी दस्तावेज भेजकर जाल में फंसाया

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उज्जैन। नीलगंगा क्षेत्र में रहने वाले एक एम.आर. को उनके बेटे के एमबीबीएस एडमिशन का झांसा देकर अज्ञात जालसाजों ने 4.25 लाख की चपत लगा दी। ठगों ने खुद को बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बताकर फर्जी अलॉटमेंट लेटर तक जारी कर दिया। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

फरियादी सतीश चंद्र पटेल पिता जोरावरसिंह (47) निवासी मंछामन गणेश नगर के अनुसार, 15 फरवरी को उन्हें भाई महेश कुमार के बेटे गौतम (जो सतना मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है) ने जानकारी दी थी उसे कॉलेज के प्रो. चंद्रशेखर वाघमारे ने बताया है कि कटिहार मेडिकल कॉलेज बिहार में एमबीबीएस की एक सीट खाली है। इसके बाद पीडि़त ने प्रो. चंद्रशेखर वाघमारे से संपर्क किया, तो उन्होंने एक मोबाइल नंबर (76020-77727) वहां के प्रिंसिपल का दिया।

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जब सतीश ने उस नंबर पर बात की, तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद का परिचय कटिहार मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आर.बी. गुप्ता के रूप में दिया। उन्होंने बताया कि एक छात्र की मौत होने के बाद कॉलेज में सीट खाली हुई है। अगर आपको यह सीट चाहिए तो तुरंत फीस जमा करना होगी। इसके लिए उन्होंने कॉलेज का व खुद का खाता नंबर भेजा। साथ ही यह भी कहा कि निजी खाता उस व्यक्ति का है जिसकी मृत्यु की वजह से सीट खाली हुई है। उसके खाते मेें रुपए डालेंगे तो सीट तुरंत आपको ट्रांसफर हो जाएगी। साथ ही विद्यार्थी से जुड़े डाक्यूमेंट्स भी बुलवाए। पटेल पहुंचे तो पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है।

कॉलेज पहुंचे तो असली प्रिंसिपल ने कहा- हमारे यहां कोई सीट खाली नहीं: धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीडि़त 19 फरवरी को खुद कटिहार मेडिकल कॉलेज (बिहार) पहुंचे। वहां जब उन्होंने असली प्रिंसिपल आर.बी. गुप्ता से मुलाकात की तो वे दंग रह गए। असली प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि जिस नंबर से बात हुई वह उनका नहीं है और न ही कॉलेज में कोई सीट खाली है। उन्होंने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी पहले भी सामने आ चुकी है।

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भरोसा जीतने के लिए भेजे फर्जी आईडी कार्ड, ईमेल
जालसाज ने ईमेल के जरिए कॉलेज के बैंक खातों की डिटेल भेजी। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने पीडि़त के व्हाट्सएप पर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) का फर्जी लेटर, डॉ. आर.बी. गुप्ता का फर्जी आईडी कार्ड और बेटे हर्ष पटेल का जाली अलॉटमेंट लेटर और कॉलेज आईडी कार्ड भेजा। इन दस्तावेजों को सच मानकर पीडि़त ने 15 से 17 फरवरी के बीच अपने और अपने परिजनों के अलग-अलग बैंक खातों से कुल 4,25,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसमें से २५ हजार रुपए कॉलेज के खाते में भी ट्रांसफर करवाए।

पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं ठगी के तार
फरियादी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए, उनमें से एक खाता जयंत सरकार (पश्चिम बंगाल) के नाम पर है। फिलहाल पुलिस उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रहे हैं। जिनके जरिए यह पूरी साजिश रची गई। आरोपियों के कनेक्शन पं. बंगाल और बिहार के सामने आ रहे हैं।
तरुण कुरील, टीआई, नीलगंगा

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