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नर्मदा-शिप्रा परियोजना संचालन के लिए सालभर बाद 13.59 करोड़ का टेंडर जारी

तीन साल के लिए चुनी जाएगी एजेंसी, 100 गांवों की बदलेगी तकदीर

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मालवांचल के लिए 2489 करोड़ की महत्वपूर्ण नर्मदा-शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना शुभारंभ के एक साल बाद एक कदम आगे बढ़ी है।

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) ने परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए 13.59 करोड़ रुपए की निविदा जारी की है। हालांकि, इस प्रक्रिया में हो रही देरी का सीधा मतलब यह है कि क्षेत्र के किसानों को इस भीषण गर्मी के सीजन में सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी नहीं मिल पाएगा। परियोजना के तहत चयनित होने वाली एजेंसी को तीन वर्षों के लिए संचालन की कमान सौंपी जाएगी।

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इस अनुबंध के प्रभावी होते ही उज्जैन, इंदौर और शाजापुर जिले के 100 गांवों की लगभग 30 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि तक पानी पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 मार्च 2025 को इस महत्वपूर्ण योजना का लोकार्पण किया था। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी रखरखाव के अभाव में इसका पूर्ण लाभ धरातल पर नहीं दिख रहा है। अब रखरखाव के लिए ठेकेदार की तलाश शुरू होने से उम्मीद जागी है कि जल्द ही यह योजना फाइलों में नहीं, बल्कि खेतों में हरियाली लाएगी। यह न केवल सिंचाई, बल्कि क्षेत्र की औद्योगिक जरूरतों और पेयजल आपूर्ति के लिए भी जीवनदायिनी साबित होगी।

टेंडर के मुताबिक अनुबंध की मुख्य शर्तें

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 टर्न-की आधार- ठेकेदार कंपनी को समस्त सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्यों का प्रबंधन करना होगा।

समय सीमा- अनुबंध 3 वर्ष के लिए होगा, जिसे आवश्यकता पडऩे पर 6 माह और बढ़ाया जा सकेगा।

मैनेजमेंट- ठेकेदार को न केवल तकनीकी रखरखाव करना होगा, बल्कि किसानों के साथ औपचारिक समझौते (एग्रीमेंट) कर पानी के वितरण का सटीक रिकॉर्ड भी रखना होगा।

तकनीक का बेजोड़ संगम है स्काडा और पाइपलाइन नेटवर्क

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रेशराइज्ड पाइप्ड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। पारंपरिक नहरों के विपरीत, इसमें पानी बंद पाइपलाइनों के जरिए सीधे खेतों तक पहुंचेगा। पूरी प्रणाली कंप्यूटर आधारित स्काडा सिस्टम से लैस है, जो पानी की बर्बादी रोककर प्रत्येक 2.5 हेक्टेयर के आउटलेट पर निर्धारित दबाव के साथ जल आपूर्ति तय करेगी।

विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर: ओंकारेश्वर जलाशय से पानी उठाने के लिए 6 बड़े पंपिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनमें उच्च क्षमता की मोटरें और पाइपलाइन जाल बिछाया गया है।

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