रामघाट पर तैरती मिली लाश से मचा हड़कंप

उज्जैन। रामघाट पर बुधवार शाम को उस वक्त हडक़ंप मच गया जब राणोजी की छत्री के सामने तैरती लाश नजर आई। सूचना मिलते ही वहां तैनात एसडीईआरएफ, होमगार्ड जवान और तैराक मौके पर पहुंचे और लाश को बाहर निकाला। इस दौरान महाकाल थाने के पुलिसकर्मी भी घाट पर पहुंच गए और लाश को पोस्टमार्टम के लिए चरक अस्पताल भिजवाया। गुरुवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

दरअसल, शाम करीब 5 बजे रामघाट पर राणोजी की छत्री के सामने कुछ श्रद्धालु स्नान कर रहे थे तभी कुछ लोगों को लाश तैरती नजर आई। उन्होंने चिल्लाया तो मौके पर होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवान पहुंचे और स्थानीय तैराकों की मदद से बॉडी को बाहर निकला।
चैक करने पर उसकी जेब से चश्मा के कवर में कुछ रुपए, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, वोटर आईडी और गाड़ी की चाबी मिली है। लाश करीब एक-दो दिन पुरानी है और जिसके हाथ-पैर अकड़ गए हैं। आधार एवं वोटर आईडी कार्ड में मृतक का नाम विमल कुमार पिता कुंवर सिंह यादव लिखा है और उम्र 42 साल है। मृतक शांतिनगर, छोटा बांगड़दा, इंदौर का रहने वाला था। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
इंदौर के एरोड्रम थाने में दर्ज है गुमशुदगी
मृतक के भाई दीपक यादव ने बताया विमल करीब 25 दिनों से लापता था। उसके घर से जाने के अगले दिन इंदौर के एरोड्रम थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। थोड़े समय से उसका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था। पहले वह स्कूल बस में कंडक्टर था। उसकी शादी हो चुकी है और दो बच्चे भी हैं। वह उज्जैन कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं है।








