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गर्भवती महिलाएं दक्षिण दिशा में न सोएं, जानें कमरे में कैसी व्यवस्था होना चाहिए

जब भी कोई महिला गर्भवती होती है तो उसके अंदर कई तरह के एहसास जन्म लेते हैं। यह पल हर महिला के लिए खास होता है। वास्तु शास्त्र में गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। गर्भावस्था में खानपान के साथ-साथ अपने आसपास सकारात्मक ऊर्जा बनाकर रखनी चाहिए। इसके लिए कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं वास्तु गुरु मान्या से कि गर्भवती महिलाओं को किन किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

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सोने की दिशा का रखें ख्याल
साथ ही बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए सोने की दिशा का ख्याल रखना चाहिए। गर्भवती ख्याल रखें कि सोते समय दक्षिण दिशा में सिर करके सोएं। गर्भावस्था के शुरुआती चार महीने महिलाओं को जरूर इस दिशा में ही सिर करके सोना चाहिए। ताकि गर्भ सही तरीके से रुक सकें। वास्तु गुरु आगे बताती है कि गर्भवती को भूलकर भी उत्तर पश्चिम दिशा में मुंह करके नहीं सोना चाहिए।

कमरे के रंग का रखें ख्याल
वास्तु गुरु बताती है कि कमरे के रंगों का भी गर्भवती के मूड पर विशेष प्रभाव देखने को मिलता है। गर्भवती महिलाओं के कमरे में हल्के पेस्टल रंग होने चाहिए। गर्भवती महिलाओं के मूड स्विंग ज्यादा होते हैं इसलिए कमरे में गहरे रंगों का इस्तेमाल न करें।

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किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए
साथ ही वास्तु गुरु बताती है कि गर्भवती को गहरे रंगों के कपड़े नहीं पहनने चाहिए बल्कि हल्के रंग ही पहनने चाहिए। हल्के रंग के कपड़े पहनने से गर्भवती महिला का मूड अच्छा रहता है।

कमरे में लगाएं बाल गोपाल की तस्वीर
गर्भवती महिलाओं को अपने कमरे में बाल गोपाल की तस्वीर जरुर लगानी चाहिए। इससे गर्भवती महिलाओं को आसपास सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और महिलाओं को मन भी प्रसन्न रहते है।

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