कर्ज से परेशान हैं तो इन आसान उपाय को आजमाएं, दिला सकते हैं राहत

अगर लगातार कर्ज बढ़ रहा है और आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है, तो इसके पीछे केवल आमदनी ही नहीं बल्कि वास्तु शास्त्र से जुड़े दोष भी जिम्मेदार हो सकते हैं। वास्तु के अनुसार घर की दिशा, व्यवस्था और ऊर्जा का सीधा असर धन और समृद्धि पर पड़ता है।

मुख्य द्वार का रखें ध्यान
घर का मुख्य द्वार दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में होने पर कर्ज बढऩे की संभावना रहती है। साथ ही दरवाजे के सामने किसी तरह की रुकावट भी आर्थिक बाधा बन सकती है।
उत्तर दिशा रखें साफ और खुली
उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। इस दिशा को साफ, खुला और हल्का रखें। यहां भारी सामान रखने से आर्थिक प्रगति रुक सकती है।
तिजोरी की सही दिशा
तिजोरी या अलमारी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इसे इस तरह रखें कि उसका मुंह उत्तर दिशा की ओर खुले, इससे धन में वृद्धि के योग बनते हैं।
पानी से जुड़ी चीजों का सही स्थान
वास्तु के अनुसार जल तत्व को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। दक्षिण-पश्चिम दिशा में पानी से जुड़ी चीजें रखने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए ऐसा करने से हमें बचना चाहिए।
लीकेज को न करें नजरअंदाज
घर में नल या पाइप से पानी टपकना भी धन हानि का संकेत माना जाता है। इसे तुरंत ठीक कराना जरूरी है, क्योंकि यह धीरे-धीरे कर्ज बढ़ाने का कारण बन सकता है। इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर आप धीरे-धीरे आर्थिक समस्याओं और कर्ज के बोझ से राहत पा सकते हैं।
ईशान कोण में न रखें कूड़ेदान
घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण बहुत पवित्र मानी जाती है। यहां कूड़ेदान, शौचालय या भारी सामान रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है और तरक्की में बाधा आती है। इसके और भी कई समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं।


