देखरेख के अभाव में पालकी उद्यान खो रहा अपनी आभा

रैलिंग टूटी, टाइल्स उखड़ी, पोल से लाइट भी नदारद फव्वारे बंद

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक चामुंडा माता चौराहा स्थित पालकी उद्यान देखरेख के अभाव में अपनी आभा खो रहा है। उद्यान में लगे फव्वारे लंबे समय से बंद हैं। आसपास लगी रैलिंग का कुछ हिस्सा टूट चुका है तो कई जगह से टाइल्स भी उखड़ गई हैं। हद तो तब हो गई जब यहां लगे पुतले ही नदारद हो गए।
दरअसल, नगर निगम ने झोन 5 के वार्ड क्रमांक 18 स्थित चामुंडा माता मंदिर के सामने रोटरी की जगह पर पालकी उद्यान विकसित किया था। इसमें बाबा महाकाल की पालकी ले जाते कहार, योग करते पुतले, फव्वारे के साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की गई थी जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे। रात होते ही यह काफी आकर्षक लगता था और शहरवासी भी यहां पहुंचते थे लेकिन समय बीतने के साथ भी देखरेख के अभाव में उद्यान उजाड़ होने लगा।
यहां लगे फव्वारे लंबे समय से बंद हैं, पानी सूख चुका है। पालकी उठा रहे पुतलों का रंग उड़ गया है तो योग करते पुतले नदारद हो गए हैं। साथ ही बगीचे के आसपास लगी टाइल्स और रैलिंग भी कई जगह से टूट रही है। इसके अलावा लाइटिंग बंद होने से बगीचे का आकर्षण भी खत्म हो गया। आसपास भिखारी डेरा डाले रहते हैं। ऐसे में यह उद्यान अपने उद्धार का इंतजार कर रहा है। आपको बात दें मार्च 2025 में नगर निगम ने पालकी उद्यान और उसके समीप स्थित महाराणा प्रताप उद्यान के लिए २५ लाख रुपए का बजट मंजूर कर टेंडर निकाले थे लेकिन किसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद निगम ने दोबारा से टेंंडर निकाला लेकिन वह भी खाली रहा।
हवा को साफ रखने में मदद करते थे फाउंटेन
पालकी उद्यान से प्र्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलती थी। यहां लगे फव्वारे धूल और धुएं से हवा को साफ रखते थे और आसपास ठंडक का एहसास होता था लेकिन फाउंटेन ही बंद हैं, वाहनों की आवाजाही से बगीचे के आसपास काफी धूल जम चुकी है।
2015 में हुआ था भूमिपूजन
उद्यान के सौंदर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन जून-2015 में किया गया था जिस पर एक करोड़ 95 लाख रुपए खर्च हुए थे लेकिन देखरेख नहीं होने के चलते यह पालकी उद्यान धीरे-धीरे उजाड़ होता जा रहा है।
मरम्मत की जाएगी
उद्यान विभाग के प्रभारी मनोज राजवानी ने बताया कि उद्याग के लिए पहले भी टेंडर जारी किया था। अब फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर जो नया ब्रिज बनाया जा रहा है उसके चौड़ीकरण की वजह से पालिका उद्यान का कुछ हिस्सा टूटने की बात कही जा रही है। कभी कहा जा रहा कि पुतले वाला हिस्सा टूटेगा, कभी पालकी वाले हिस्से को तोडऩे की बात कही जा रही है। ब्रिज का काम पूरा होने के बाद ही इसकी मरम्मत की जाएगी। फिलहाल उद्यानों को भी झोन में बांट दिया गया है। मैं अब झोन 5 में नहीं 6 में हूं लेकिन इसका टेंडर मेरे कार्यकाल में जारी हुआ था इसलिए जानकारी दे सकता हूं।









