नृसिंह जयंती पर राधा-कृष्ण का नौका विहार, इस्कॉन में भक्ति में झूमे भक्त

भगवान नृसिंह का अभिषेक किया, सैकड़ों भक्त पहुंचे इस पल का साक्षी बनने

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में नौका विहार उत्सव की शुरुआत नृसिंह जयंती पर गुरुवार को हुई। इस पावन पर अवसर पर विशेष पूजा अभिषेक, कथा एवं आरती की गई जिसमें सैकड़ों भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे और भक्ति में जमकर झूमे।
दरअसल, नृसिंह चतुर्दशी पर कार्यक्रम में शाम 5.30 बजे भगवान नृसिंह का महाभिषेक कर 7 बजे महाआरती की गई। इसके साथ ही पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज के सान्निध्य में नौका महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस विशेष महोत्सव के अंतर्गत मंदिर परिसर में बनाए गए करीब 30 फीट के पवित्र सरोवर में 10 फीट लंबी एवं 5 फीट चौड़ी सुंदर नौका में श्रीराधा-कृष्ण विराजमान हुए और दिव्य विहार किया। इस पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान राधे-कृष्ण, राधे-कृष्ण गूंजता रहा।
फूलों से सजा मंदिर, जमकर झूमे भक्त
नृसिंह चतुर्दशी के मौके पर मंदिर को फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया। भगवान को विशेष पोशाक पहनाकर अद्भुत शृंगार किया गया। इस बीच जब भगवान नृसिंह का अभिषेक किया जा रहा था तो बड़ी संख्या में भक्त राधे-कृष्ण की धुन पर झूम रहे थे। इस दौरान पूरा परिसर खचाखच भरा था।
भगवान लक्ष्मी-नृसिंह का आकर्षक शृंगार, महाआरती की
इधर, श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित श्री लक्ष्मी-नृसिंह मंदिर में श्री नृसिंह चतुर्दशी महापर्व पर गुरुवार शाम भगवान श्री लक्ष्मी-नृसिंह का विशेष शृंगार कर महाआरती की गई। तत्पश्चात भोग अर्पित किया गया। मंदिर को मोगरे के फूलों से सजाया गया। इस दौरान दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते रहे।
शीतलता के लिए नौका विहार की परंपरा
वैशाख और ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी में शीतलता के लिए भगवान राधा मदनमोहन को नौका विहार करवाने की परंपरा है। दिनभर की झुलसा देने वाली गर्मी के बाद गोधूलि वेला में भगवान को नौका विहार करवाया गया। 6 मई तक प्रतिदिन शाम 5.30 से 8 बजे तक इस उत्सव का आयोजन होगा जिसमें भक्त नौका विहार के दर्शन के साथ स्वयं भगवान को नौका विहार करवा सकते हैं। प्रतिदिन संध्याकाल में खिचड़ी प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।









