जबलपुर क्रूज हादसा: दो बच्चों की लाशें निकाली, अब तक 11 की मौत

2 और लापता : सेना-एनडीआरएफ कर रही सर्चिंग, खराब मौसम के कारण रोकना पड़ रहा रेस्क्यू

अक्षरविश्व न्यूज जबलपुर। बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 11 हो गया है। रेस्क्यू टीम ने 8 वर्षीय तामिक और 4 साल के विराज सोनी का शव घटनास्थल के पास से शनिवार को बरामद किया। गोताखोरों ने शव को सफेद कपड़े में लपेटकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। अब भी कामराज और उनके बेटे तमिक लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सेना के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बोट के जरिए सर्चिंग कर रही हैं। सर्चिंग का दायरा बढ़ाया गया है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात हैं। एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा के अनुसार, खराब मौसम के
चलते बीच-बीच में रेस्क्यू रोकना पड़ रहा है।
तेज हवा में पलटा था क्रूज
गुरुवार शाम करीब 5 बजे मप्र टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी।
प्रदेश में क्रूज का संचालन बंद किया
हादसे के बाद प्रशासन ने प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगा दी है। क्रूज पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी समेत तीन लोगों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। हादसे में बचे रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पर सवार होने के दौरान किसी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। क्रूज डगमगाते ही लोग इधर-उधर भागते रहे। सभी लाइफ जैकेट कैबिन में सील पैक रखी थीं, जिन्हें यात्रियों ने ही बाहर निकाला और पहना।
लाइफ जैकेट सील पैक मिलीं
धीरे-धीरे हादसे की परतें उधडऩा शुरू हुईं। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद भी यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट चढ़ाया गया। हादसे में बचे रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पर सवार होने के दौरान किसी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। क्रूज डगमगाते ही लोग आधे घंटे इधर-उधर भागते रहे। सभी लाइफ जैकेट कैबिन में सील पैक रखी थीं, जिन्हें यात्रियों ने ही जैसे-तैसे बाहर निकाला।








