Rupee Crash: डॉलर के मुकाबले ₹95.63 पर पहुंचा रुपया, बना नया रिकॉर्ड लो
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.57 पर खुला और कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले गिरकर रिकॉर्ड 95.74 के ऑल-टाइम इंट्राडे लो तक पहुंच गया।

मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूटकर 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला।
फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि पिछले 10 हफ्तों से जारी तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा तेहरान के ताजा शांति प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताए जाने के बाद बाजार में जोखिम से बचने का माहौल और गहरा गया है।
इसके अलावा, बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को भी गंभीर संकेत के तौर पर देखा गया। ईंधन की बचत और आयात कम करने की अपील को निवेशकों ने इस आशंका से जोड़कर देखा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो भारत का trade deficit और balance of payments दबाव में आ सकता है।
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.57 पर खुला और कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 95.74 के रिकॉर्ड इंट्राडे लो तक पहुंच गया।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 95.63 पर बंद
मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया और अंत में 95.63 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे एक दिन पहले सोमवार को भी रुपया 79 पैसे टूटकर 95.28 के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
Mirae Asset ShareKhan के Research Analyst अनुज चौधरी ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में अनिश्चितता के चलते रुपये पर दबाव बना रहेगा। अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे हालात और जटिल हो गए हैं। Crude Oil की कीमतों में उछाल और मजबूत Dollar रुपये को और नीचे खींच सकते हैं। हालांकि RBI का हस्तक्षेप रुपये को निचले स्तरों पर सहारा दे सकता है। USD-INR Spot Price के 95.30 से 96 के दायरे में कारोबार करने का अनुमान है।”
इस बीच Dollar Index, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.28 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल मानक Brent Crude वायदा कारोबार में 3.09 प्रतिशत की तेज उछाल के साथ 107.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे आपूर्ति बाधा और बढ़ती ऊर्जा लागत को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
IFA Global ने अपनी Research Note में कहा, “रविवार को PM Modi की ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग और Forex खर्च में कटौती की सलाह के बाद बाजारों में ऊर्जा स्थिति की गंभीरता का एहसास और बढ़ गया, जिसने बाजार को हिलाकर रख दिया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को देशवासियों से ईंधन का सोच-समझकर उपयोग करने, सोने की खरीद और विदेश यात्रा टालने सहित कई उपायों पर जोर दिया था। हैदराबाद में तेलंगाना BJP की एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, शहरों में Metro Rail का उपयोग करने, Carpooling अपनाने, Electric Vehicles के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, माल ढुलाई के लिए रेलवे सेवा का उपयोग करने और Work From Home को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। उन्होंने विदेशी मुद्रा संरक्षण की जरूरत पर बल देते हुए एक साल के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्रा टालने का आह्वान किया।
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अपने “सबसे कमजोर” दौर में है और “बड़े जीवन रक्षक उपकरण” पर टिका हुआ है। यह बयान उन्होंने तेहरान के शांति प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताकर ठुकराने के एक दिन बाद दिया। Oval Office में पत्रकारों से बात करते हुए Trump ने कहा, “यह अपने सबसे कमजोर स्तर पर है… उन्होंने जो बकवास भेजी उसे पढ़कर… यह Life Support पर है, बड़े Life Support पर।” उन्होंने आगे कहा, “वे सोचते हैं कि मैं थक जाऊंगा या ऊब जाऊंगा या मुझ पर दबाव होगा, लेकिन कोई दबाव नहीं है, बिल्कुल भी नहीं। हम पूरी जीत हासिल करेंगे।”
घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो Sensex 1,456.04 अंक टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 436.30 अंक की गिरावट के साथ 23,379.55 पर आ गया। Exchange के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को Foreign Institutional Investors ने 8,437.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।








