महाकाल में 84 महादेव के लिए अलग रास्ते की दरकार

17 मई से शुरू हो रहा अधिकमास, रोज हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे पूजन के लिए
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 17 मई से अधिक मास शुरू हो रहा है। इसाके साथ ही 84 महादेव की यात्रा की प्रारंभ हो जाएगी। महाकाल मंदिर परिसर में 84 महादेव के 4 मंदिर हैं। यहां पर अधिकमास में रोज हजारों की संख्या में दर्शनार्थी पूजन के लिए पहुंचेगे। इन दर्शनार्थियों के लिए अलग रास्ते की जरूरत है।
अधिकमास शुरू होते ही देशभर के श्रद्धालु उज्जैन आकर 84 महादेव, 9 नारायण और सप्त सागरों की यात्रा करते हैं। रोज हजारों की संख्या में दर्शनार्थी यात्रा के लिए निकलते हैं। 84 महादेव की यात्रा आमतौर पर श्रद्धालु 3 से 4 दिनों में पूरा करते हैं। इस दौरान उन्हें महाकाल मंदिर प्रांगण में विराजित 84 महादेव के चार मंदिरों में भी पूजन-अभिषेक के लिए पहुंचना होता है।
सभी 84 महादेव ऐसे स्थान पर विराजित हैं जहां जाने के लिए आम दिनों में अलग से सुविधा नहीं होती। महाकाल भगवान के दर्शन के बाद ही इन मंदिरों तक पहुंचा जा सकता। इस कारण यात्रा के दौरान अलग रास्ता जरूरी है। पिछला अधिकमास 2023 में सावन मास का था। इस दौरान गेट नंबर 4 से यात्रियों को प्रवेश की सुविधा दी गई थी।
यात्रियों को असुविधा नहीं होगी
मंदिर समिति ने अभी यात्रियों के लिए मार्ग तय नहीं किया है, इस बार निर्माण कार्यों के कारण कई रास्ते बंद हैं। यात्रा शुरू होने के पहले कोई न कोई मार्ग अवश्य तय करेंगे जो यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक रहे और स्थाई दर्शन व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
एसएनसोनी उपप्रशासक श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति









