7 दिन में 119 संस्थान की जांच, 74 बिना रजिस्ट्रेशन के

पहली बार अवैध क्लीनिक और अस्पतालों पर स्वास्थ विभाग का बड़ा एक्शन
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नोबल पॉली क्लीनिक में छात्रा की मौत के बाद शुरू हुई क्लीनिक और अस्पतालों की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अब तक 119 संस्थानों की जांच में 74 बगैर रजिस्ट्रेशन के चलते पाए गए हैं। दो क्लीनिक सील कर दिए गए हैं। बाकियों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह जांच यह बताती है कि कैसे जिले में आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। अभी जांच के सिर्फ सात दिन हुए हैं। अवैध क्लीनिक और अस्पतालों का आंकड़ा और बढऩे की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग के पांच जांच दलों ने 10 मई से अपना काम शुरू किया था। 16 मई तक 119 स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचे दलों को आधे से अधिक यानी 74 संस्थान बिना किसी वैध पंजीयन के चलते मिले हैं। इनमें भी सबसे बड़ा आंकड़ा शहरी क्षेत्र का है। उज्जैन शहरी क्षेत्र में 68 संस्थानों की जांच की गई, इनमें केवल 29 ही पंजीकृत मिले, । 39 अपंजीकृत संस्थानों को नोटिस दिए गए हैं। ऐसी ही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है। यहां स्वास्थ्य सुविधा वेंटिलेटर पर है। 51 स्थानों की जांच में सिर्फ 16 संस्थान वैध मिले हैं। 35 बिना किसी रजिस्ट्रेशन के मरीजों का इलाज कर रहे थे।
महिदपुर और उज्जैन में क्लीनिक सील
सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर उज्जैन के लक्ष्मी नगर स्थित आदिनाथ औरम हिदपुर के शिफा क्लीनिक को मौके पर ही सील कर दिया गया है। ये संस्थान बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन, आवश्यक अनुमति और तय मापदंडों के विपरीत चल रहे थे। डॉ. पटेल ने स्पष्ट किया कि चिन्हित अवैध अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों को शोकाज जारी कर दिए गए हैं। अब संस्थानों को स्थायी रूप से बंद कराने, उनके दस्तावेजों की सघन जांच और पंजीयन सत्यापन का काम किया जा रहा है। जांच कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बच्ची की मौत के जागा स्वास्थ्य विभाग
मंछामन मार्ग पर संचालित जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक में 9 मई को 11 वर्षीय दीपिका की मौत हो गई थी। उसका अपेंडिक्स का ऑपरेशन एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. डीके तिवारी और नोबल पॉली क्लीनिक संचालक डॉ. राजेश चौहान ने किया था। लोकल एनेस्थिीसिया देने से दीपिका की पल्स गिरी और ऑक्सीजन कम होती चली गई थी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह के निर्देश पर तब स्वास्थ्य विभाग ने 5 जांच दल गठित किए थे और इन्होंने ने गड़बड़ी पकड़ी है।









