फिर बढ़े दाम : 9 दिन में ही 5 रुपए लीटर महंगा हो गया पेट्रोल-डीजल

उज्जैन में पेट्रोल 112.07 और डीजल 97.21 प्रति लीटर हुआ, 15 मई से हुई थी दाम बढऩे की शुरुआत
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन/भोपाल। पेट्रोलियम कंपनियों ने किस्तों में दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। 9 दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोतरी हुई है। अब तक कीमतों में पांच रुपयों का इजाफा हो चुका है। महंगे ईंधन का असर महंगाई पर पड़ेगा। इसके बढऩे की आशंका है।
शनिवार को पेट्रोल की कीमत 87 पैसे और डीजल की कीमत 91 पैसे प्रतिलीटर बढ़ाई गई। इसके चलते मध्य प्रदेश में पेट्रोल 1 रुपए या इससे ज्यादा महंगा हुआ है। उज्जैन में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 112.०७ तो डीजल की ९७.२१ प्रति लीटर हो गई है। प्रीमियम पेट्रोल के दाम भी बढ़े हैं। यह १२१.३९ रुपए प्रति लीटर हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां डेली प्राइस रिवीजन यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं।
बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल थे, जो अब बढक़र 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढऩे से तेल कंपनियां दबाव में थीं इसलिए घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।
केंद्र सरकार के मुताबिक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं। जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा है।









