AI से बदल रही विज्ञापन दुनिया, भारत के लिए खुल रहे कमाई और रोजगार के नए अवसर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल चैटबॉट या कंटेंट जनरेशन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक विज्ञापन उद्योग की कार्यप्रणाली को भी तेजी से बदल रहा है। कंसल्टिंग फर्म रेडसीर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, AI विज्ञापन क्षेत्र को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणाम-केंद्रित बना रहा है। इसी बदलाव के बीच भारत दुनिया की प्रमुख AdTech (Advertising Technology) कंपनियों का नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत की तकनीकी ताकत बनी सबसे बड़ा आधार
रिपोर्ट के मुताबिक भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल तकनीकी इकोसिस्टम है। देश में हर साल लगभग 27 लाख इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी छात्रों का नामांकन होता है। इसके अलावा करीब 2.4 करोड़ GitHub डेवलपर्स और लगभग 1,900 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) सक्रिय हैं, जो 65 से 75 अरब डॉलर का निर्यात राजस्व उत्पन्न कर रहे हैं। यही मजबूत तकनीकी आधार AI आधारित विज्ञापन प्लेटफॉर्म और उत्पादों के विकास को गति दे रहा है।
AI बदल रहा है विज्ञापन का पूरा ढांचा
वैश्विक विज्ञापन बाजार पहले ही 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर चुका है और AI इस उद्योग के लगभग हर हिस्से को प्रभावित कर रहा है। मीडिया खरीद, क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, ग्राहक टार्गेटिंग, ई-कॉमर्स और विज्ञापन प्रदर्शन के विश्लेषण जैसी प्रक्रियाएं अब तेजी से AI-संचालित हो रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल विज्ञापन वैश्विक विज्ञापन खर्च का 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा बन चुके हैं, जबकि इनमें से 80 से 85 प्रतिशत विज्ञापन प्रोग्रामेटिक तकनीक के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
2030 तक तेजी से बढ़ेगा भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार
रेडसीर का अनुमान है कि भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार 2025 में लगभग 21 अरब डॉलर का होगा, जो 2030 तक बढ़कर 33 से 42 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है। इस तेज वृद्धि से AI आधारित विज्ञापन तकनीकों और स्टार्टअप्स को भी बड़ा अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर मुकेश कुमार का कहना है कि AI केवल विज्ञापन उद्योग में एक नई तकनीक नहीं जोड़ रहा, बल्कि पूरे सिस्टम को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
उनके अनुसार, मशीन लर्निंग आधारित बिडिंग सिस्टम, आइडेंटिटी ग्राफ, ट्रांसफॉर्मर आधारित रिकमेंडेशन इंजन और एजेंटिक एडवरटाइजिंग फ्रेमवर्क जैसी उन्नत तकनीकों के लिए जिस इंजीनियरिंग क्षमता की आवश्यकता होती है, वह भारत ने पिछले तीन दशकों में विकसित की है।
भारतीय कंपनियां अब बना रही हैं वैश्विक उत्पाद
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय मूल की AdTech कंपनियां अब केवल तकनीकी सेवाएं प्रदान करने तक सीमित नहीं हैं। वे वैश्विक उत्पाद कंपनियों के रूप में उभर रही हैं और सॉफ्टवेयर व प्लेटफॉर्म आधारित अधिक लाभदायक बिजनेस मॉडल अपना रही हैं।
AI के बढ़ते उपयोग, मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत तकनीकी क्षमताओं के साथ भारत भविष्य में वैश्विक AdTech उद्योग का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे भारतीय स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुलने की उम्मीद है।









