Raakh Review: रंगा-बिल्ला कांड की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी, जानें कैसी है यह सीरीज

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘राख’ एक ऐसी कहानी लेकर आई है, जिसे सिर्फ क्राइम थ्रिलर कहकर नहीं समझा जा सकता। यह सीरीज एक दर्दनाक वास्तविक घटना से प्रेरित है और समाज के उस अंधेरे चेहरे को सामने लाती है, जिसे अक्सर लोग भूल जाना चाहते हैं। निर्देशक प्रोसित रॉय ने इस संवेदनशील विषय को बिना अनावश्यक सनसनीखेज प्रस्तुति के पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।

क्या है कहानी?
सीरीज की कहानी 1970 के दशक की एक चर्चित अपहरण और हत्या की घटना से प्रेरित है। एक सामान्य परिवार के दो बच्चे अचानक लापता हो जाते हैं और इसके बाद शुरू होती है उनकी तलाश की बेचैन कर देने वाली कहानी। पुलिस जांच, परिवार की पीड़ा और अपराधियों की क्रूर मानसिकता को कहानी का आधार बनाया गया है।
कहानी का फोकस केवल अपराधियों को पकड़ने पर नहीं है, बल्कि उस डर और असुरक्षा की भावना पर भी है जो ऐसी घटनाओं के बाद पूरे समाज में फैल जाती है। आठ एपिसोड की यह सीरीज दर्शकों को लगातार भावनात्मक दबाव में रखती है।
निर्देशन और प्रस्तुति
प्रोसित रॉय का निर्देशन सीरीज की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आता है। उन्होंने कहानी को वास्तविकता के करीब रखने का प्रयास किया है। कहीं भी अनावश्यक हीरोइज्म या फिल्मी ट्विस्ट डालने की कोशिश नहीं की गई। सीरीज का वातावरण, कैमरा वर्क और बैकग्राउंड स्कोर लगातार तनाव और बेचैनी का एहसास कराते हैं।
लेखन भी प्रभावी है। कहानी केवल अपराध की घटना नहीं दिखाती, बल्कि न्याय व्यवस्था, जांच प्रक्रिया और पीड़ित परिवारों की मानसिक स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है।
कलाकारों का प्रदर्शन
सीरीज में अली फजल ने एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है। उनका अभिनय संयमित और प्रभावशाली है। वह एक ऐसे अधिकारी के रूप में नजर आते हैं जो अपराध की जांच के साथ-साथ व्यवस्था की चुनौतियों से भी जूझ रहा है।
अपराधी के किरदार में आकाश मखिजा ने दमदार अभिनय किया है। उनका स्क्रीन प्रेजेंस कहानी के भयावह पक्ष को और मजबूत बनाता है। वहीं बच्चों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों ने भी भावनात्मक दृश्यों में प्रभाव छोड़ा है।
सोनाली बेंद्रे, आमिर बशीर, राकेश बेदी और दिब्येंदु भट्टाचार्य सहित अन्य कलाकारों ने भी अपने किरदारों को विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
क्या हैं खूबियां?
सीरीज की सबसे बड़ी खूबी इसकी ईमानदार प्रस्तुति है। यह किसी वास्तविक त्रासदी को मनोरंजन का साधन बनाने के बजाय उसके सामाजिक प्रभावों को समझाने की कोशिश करती है। कहानी भावनात्मक रूप से प्रभावित करती है और कई दृश्य लंबे समय तक याद रह सकते हैं।
क्या हैं कमियां?
सीरीज का माहौल काफी भारी और गंभीर है। यही कारण है कि हल्का-फुल्का मनोरंजन पसंद करने वाले दर्शकों को यह धीमी और भावनात्मक रूप से थकाने वाली लग सकती है। कई हिस्सों में कहानी दर्शकों को असहज भी कर सकती है।
देखें या नहीं?
अगर आप वास्तविक घटनाओं पर आधारित गंभीर और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानियां पसंद करते हैं, तो ‘राख’ आपके लिए एक प्रभावशाली अनुभव साबित हो सकती है। यह सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं, बल्कि समाज, सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाने वाली सीरीज है।
हालांकि, संवेदनशील विषय और भावनात्मक रूप से भारी कंटेंट होने की वजह से यह हर दर्शक के लिए नहीं है। लेकिन जो लोग मजबूत कहानी और गंभीर सिनेमा पसंद करते हैं, उनके लिए यह एक देखने योग्य सीरीज कही जा सकती है।









