सिंहस्थ-2028 की तैयारी : अनुभव की पाठशाला में पूर्व अफसरों ने दिए टिप्स

पूर्व संभागायुक्त बोले- अभी फोकस इंफ्रा डेवलपमेंट पर जरूरत प्लानिंग की, प्लान ए, बी, सी और डी तैयार रखें

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारी के लिए आयोजित की गई पूर्व अफसरों की कार्यशाला में उपयोगी सुझाव मिले। पूर्व संभागायुक्त ने कहा कि अभी फोकस इंफ्रा डेवलपमेंट पर है, जरूरत व्यवस्थित प्लानिंग की है। होटल अंजूश्री में शनिवार को हुई अनुभव और संकल्प कार्यशाला ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को और पुख्ता बनाने में मददगार हो गई। कार्यशाला में शामिल हुए पूर्व अफसरों ने अपने अनुभव बताए और इस बार सिंहस्थ कैसे और बेहतर किया जा सकता है, इस पर सुझाव दिए।
सबसे पहले उज्जैन की संस्कृति, इतिहास और परंपरा जानें:
सिंहस्थ-2028 के लिए अफसर पहले खुद को तैयार करें। उन्हें सबसे पहले इवेंट मैनेजमेंट सिखना जरूरी है। सबसे पहले उज्जैन की संस्कृति, इतिहास, परंपरा, भौगोलिक स्थिति को समझें। अफसर स्टैंडअप मीटिंग करें। सिंहस्थ के कार्यों वाली जगह पर खड़े रहकर फील्ड के हर व्यक्ति से सुझाव लें। इन अनुभव से बेहतर प्लानिंग की जा सकती है।
अधिकारी प्री-एक्सरसाइज करें। इसमें सफलता और असफलता दोनों का अनुमान लगाएं।
हर विभाग के पास चार प्लान होने चाहिए। एक फेल हुआ तो दूसरा, दूसरा फेल हुआ तो तीसरा व तीसरा फेल हुआ तो चौथा प्लान काम कर जाए।
ट्रैफिक प्लान बनाते समय भीड़ का ध्यान रखें। यह भी देखें कि भीड़ अगर बढ़ती है तो बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं हो।
अखाड़ों की परंपरा से रूबरू हों। उनके साधु-संतों से संवाद करें। हर अफसर को अखाड़ों की जानकारी होनी चाहिए।
प्रत्येक अखाड़े से संवाद के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति अभी से कर देनी चाहिए। ताकि संवाद बना रहे।
प्रशासन ने बेहतर पार्किंग की व्यवस्था तो करें, होटल-लॉज वालों को भी इसके लिए तैयार करें।
होम स्टे इस बार ज्यादा रह सकते हैं, इनमें फायर सेफ्टी के इंतजाम रखें।
घाट तक वाहनों को नहीं आने दिया जाए। उन्हें एक सुरक्षित दूरी पर खड़ा करवाया जाए।
पूर्व संभागायुक्त रवींद्र पस्तौर, पूर्व कलेक्टर कवींद्र कियावत और पूर्व एसपी एमएस वर्मा सुझाव देने वालों में प्रमुख थे।









