दिलजीत दोसांझ की ‘पंजाब 95’ नए नाम के साथ ओटीटी पर रिलीज

ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की जबरदस्त कामयाबी को लेकर हर तरफ छाए हुए हैं। बॉक्स ऑफिस पर मिल रही इस बड़ी सफलता के बीच, उनकी एक और बहुप्रतीक्षित फिल्म बिना किसी शोर-शराबे के सीधे ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गई है। दरअसल, यह फिल्म पिछले काफी लंबे समय से सेंसर बोर्ड के चक्करों में फंसी हुई थी। हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘पंजाब 95’ की, जिसका नाम अब पूरी तरह बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ढेरों कानूनी और तकनीकी अड़चनों का सामना करने के बाद आखिरकार दिलजीत दोसांझ की यह फिल्म ‘सतलुज’ ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 (ZEE5) पर स्ट्रीम कर दी गई है। यह फिल्म पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के असल जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित है, जो साल 1995 में रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए थे। फिल्म में मुख्य किरदार दिलजीत ने निभाया है।
फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर:
इस संजीदा और संवेदनशील फिल्म का निर्देशन बेहतरीन डायरेक्टर हनी त्रेहान ने किया है। आरएसवीपी (RSVP) और मैकगफिन पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म की स्टारकास्ट और इसकी कहानी ही इसकी सबसे बड़ी यूएसपी (USP) मानी जा रही है।
दिलजीत ने क्यों चुनी यह कहानी:
इस खास प्रोजेक्ट से जुड़ने की वजह बताते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा कि भाई जसवंत सिंह खालरा जी की शहादत और इंसानियत के लिए किए गए उनके बड़े कार्यों की वजह से ही उन्होंने इस फिल्म को करने का मन बनाया था। बहरहाल, जब उन्होंने पहली बार इसकी स्क्रिप्ट सुनी, तो वह अंदर तक हिल गए क्योंकि यह पूरी कहानी असल लोगों के सच्चे दर्द, त्याग और बड़े संघर्षों पर टिकी है।
दिलजीत के मुताबिक, एक एक्टर के तौर पर ऐसे गहरे और वास्तविक किरदारों को पर्दे पर जीने के मौके बहुत कम ही हाथ लगते हैं। स्क्रिप्ट सुनते ही उन्हें इस किरदार के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी का अहसास हुआ था, जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी और दिल से निभाने की पुरजोर कोशिश की है। उनके करियर के लिए यह फिल्म बेहद खास और हमेशा याद रहने वाली है।
हनी त्रेहान ने जताया आभार:
फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनका शुरुआत से ही यही एकमात्र लक्ष्य था कि वे इस कहानी को बिना किसी समझौते के पूरी संवेदनशीलता और सच्चाई के साथ दर्शकों के सामने लाएं। एक लंबे और थका देने वाले इंतजार के बाद, आखिरकार दर्शकों के सामने उनकी बरसों की कड़ी मेहनत का नतीजा आ चुका है।
अंत में उन्होंने कहा कि ‘सतलुज’ सिर्फ किसी एक अकेले व्यक्ति के जीवन की दास्तान नहीं है, बल्कि यह बेहद कठिन और विपरीत हालातों में भी इंसानी जज्बे की अटूट मजबूती को एक बड़ा सलाम है। दिलजीत को पूरा भरोसा है कि दुनिया भर के दर्शक जी5 पर इस फिल्म को देखकर इसके गहरे संदेश से खुद को जरूर जोड़ पाएंगे।









