RGPV पेपर चोरी पर कुलगुरु का बयान, बड़ी चूक और साजिश का आरोप

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) भोपाल में पेपर चोरी के मामले ने सनसनी मचा दी है। कुलगुरु प्रोफेसर आलोक शर्मा ने इसे एक बड़ी चूक बताया है। उन्होंने आशंका जताई है कि कोई दुश्मन यूनिवर्सिटी की छवि खराब करना चाहता है।

घटना की सूचना मिलते ही कुलगुरु स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रश्नपत्र रखे गए भवन को तत्काल सील करवा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई और गांधीनगर थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
अंदरूनी साजिश की गहरी आशंका:
कुलगुरु ने परीक्षा नियंत्रक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जिस कमरे में करीब 12 अलमारियां थीं, उनमें से केवल उसी अलमारी को निशाना बनाया गया जिसमें प्रश्नपत्र रखे थे। इससे किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका का संदेह गहरा गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इस वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह या संस्थान के ही किसी भेदिए का हाथ हो सकता है। कुलगुरु ने कहा कि हालिया नीट (NEET) पेपर लीक से सबक लेते हुए अब परीक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत करना होगा।
कांच टूटने पर खड़े हुए सवाल:
जांच के दौरान घटनास्थल पर भवन का एक कांच टूटा हुआ मिला है। हालांकि, उस कांच की ऊंचाई को देखते हुए किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए वहां से आसानी से अंदर घुस पाना बेहद मुश्किल लगता है। इससे विश्वविद्यालय की थ्योरी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
छात्रों में भारी आक्रोश और मांग:
इस घटना के बाद RGPV के छात्रों ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा और लचर परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि सुरक्षा प्रबंधन बेहद कमजोर है। उन्होंने निष्पक्ष परीक्षा के लिए बाहरी एजेंसी या विशेष सुरक्षा की मांग की है।









