कैबिनेट के फैसले : प्रदेश में दूध कलेक्शन का दायरा 7331 गांवों से 26 हजार गांवों तक होगा

भोपाल। प्रदेश की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अगले 5 साल में रोजाना दूध कलेक्शन 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने मंगलवार को दुग्ध उत्पादकों से जुड़ी सहकारी प्रणाली व सांची ब्रांड को मजबूत करने के लिए एनडीडीबी के प्रस्तावित योजना के लिए 2973 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे दूध कलेक्शन का दायरा 7331 गांवों से 26 हजार गांवों तक होगा।
दूध प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर से 63.3 लाख लीटर रोज किया जाएगा। वर्तमान में रोज दूध पैकेट से 7 लाख लीटर दूध विक्रय हो रहा है, इसे अब 35 लाख लीटर किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान कवरेज 15त्न से 50त्न किया जाएगा। एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन व एनडीडीबी के बीच अनुबंध के तहत एनडीडीबी ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया था। मप्र सरकार 500 करोड़ रुपए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेगी, जबकि केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन पर 241 करोड़ रुपए राज्यांश देगी।
वीबीजी-रामजी योजना : 29 हजार 619 करोड़ मंजूर
1 जुलाई 2026 से लागू हुई विकसित भारत रोजगार व आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वी.बी.जी-रामजी) योजना को 5 साल तक मप्र में संचालित करने के लिए 26,436 करोड़ की मंजूरी दी है। योजना में केंद्र 60त्न व राज्य 40त्न खर्च वहन करेगा। मप्र 5 साल में 10,574 करोड़ राज्यांश के रूप में देगा, जबकि 946 करोड़ रुपए प्रशासनिक व्यय होगा।









