राममंदिर के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा

ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी कमान के लीडर थे मिश्रा
चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव
अयोध्या, एजेंसी। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को इसका ऐलान किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। बैठक में ट्रस्टी बनाए गए महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष का चार्ज दिया गया। नए सीईओ और कोषाध्यक्ष महासचिव गोविंद देव गिरि को ही रिपोर्ट करेंगे।
पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हुए थे।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी बनाए गए
ट्रस्ट में दिल्ली के महेश भागचंदका समेत 3 नए सदस्य भी बनाए गए हैं। इनमें अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और आरएसएस समर्थक शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी। यह बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामला सामने आने के 3 महीने के बाद हुआ। इस मामले में 8 आरोपी जेल में हैं। इसके बाद 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद रिटायर्ड आईएफएस कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। वह 58 दिनों तक पद रहे।
मिश्रा ही क्यों बनाए गए सीईओ
ऑपरेशन सिंदूर में हीरो इमेज : जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल भी मिला।
यूपी से कनेक्शन: वे देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यानी राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की नियुक्ति में उनका यूपी कनेक्शन भी है।
सैन्य अनुभव का इस्तेमाल: करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले। ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है।









