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अब एक निशान से पता चलेगा साबुन-टूथपेस्ट वेज है या नॉनवेज

अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या कॉस्मेटिक्स खरीदते समय ग्राहकों के लिए यह समझना आसान होगा कि प्रोडक्ट वेज यानी शाकाहारी मूल का है या नॉनवेज यानी पशु मूल का। सरकार ने पैकेज्ड प्रोडक्ट्स की लेबलिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत प्रोडक्ट की पैकिंग पर रंगीन निशान के जरिए इसकी जानकारी दी जाएगी।

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किन सामानों पर लागू होगा यह नियम?

यह बदलाव रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई पैकेज्ड प्रोडक्ट्स से जुड़ा है। इनमें मुख्य रूप से साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरी प्रोडक्ट्स शामिल हैं। यानी अब इन सामानों की पैकिंग पर ही वेज या नॉनवेज मूल की पहचान दिखाई देगी।

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कंपनियों को पैकेजिंग में करना होगा बदलाव

नियम लागू होने के बाद कंपनियों को अपनी पैकेजिंग और लेबलिंग में जरूरी बदलाव करने होंगे। नई पैकेजिंग में निर्धारित निशान को प्रमुख स्थान पर दिखाना होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि पैकेट पर दी गई बाकी जानकारी पढ़ने की जरूरत खत्म हो जाएगी। प्रोडक्ट की सामग्री, इस्तेमाल, मात्रा, निर्माता और दूसरी जरूरी जानकारियों के लिए ग्राहक को लेबल जरूर पढ़ना चाहिए।

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ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

कई बार किसी कॉस्मेटिक या पर्सनल केयर प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में जानकारी समझना आसान नहीं होता। पैकेट पर छोटे अक्षरों में लिखी सामग्री की लंबी सूची भी हर ग्राहक के लिए तुरंत समझना मुश्किल हो सकती है। रंगीन निशान से यह जानकारी काफी आसान तरीके से सामने आ जाएगी। खासकर वे ग्राहक जो खरीदारी के समय प्रोडक्ट के वेज या नॉनवेज मूल को लेकर सावधानी रखते हैं, उनके लिए यह लेबल मददगार हो सकता है।

कब से लागू हुआ नया नियम?

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, लेबलिंग से जुड़ा यह बदलाव 21 सितंबर 2026 से लागू हो गया है। यह बदलाव लीगल मेट्रोलॉजी नियमों में संशोधन के तहत किया गया है। इसलिए आने वाले समय में साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स खरीदते वक्त ग्राहक पैकेट पर सिर्फ कीमत और ब्रांड ही नहीं, बल्कि वेज-नॉनवेज का रंगीन निशान भी देख सकेंगे।

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