8 लेन एक्सप्रेस-वे पर दो दर्दनाक हादसे, खाई में गिरीं कारें

रतलाम। जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह कुछ ही घंटों के अंतराल में दो दर्दनाक सड़क हादसे हुए। दोनों हादसों में कारें एक्सप्रेस-वे की रेलिंग तोड़कर करीब 30 फीट नीचे खाई में जा गिरीं। हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। दोनों कारों में सवार लोग पंजाब और गुजरात के रहने वाले थे और मुंबई की ओर जा रहे थे।
झपकी आने से रेलिंग तोड़कर खाई में गिरी कार
जावरा औद्योगिक थाना प्रभारी प्रकाश गडरिया के अनुसार पहला हादसा मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। पंजाब का एक परिवार कार नंबर MH48 AK 4833 से मुंबई जा रहा था। इसी दौरान चालक को झपकी आने की बात सामने आई। कार एक्सप्रेस-वे के बीच लगी रेलिंग को तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे खाई में जा गिरी।
हादसे में नरेंद्र कौर (67) और उनकी बहू मनप्रीत कौर (32) की मौत हो गई। कार में सवार अन्य लोग घायल हुए हैं।
सुबह दूसरी गाड़ियों के चालकों से हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को जावरा के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें आगे इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
टूटी रेलिंग बनी दूसरे हादसे की वजह
पहले हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की रेलिंग टूट गई थी। पुलिसकर्मी सुबह करीब 6:30 बजे मौके का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान गुजरात नंबर की कार GJ20 CB 4610 तेज रफ्तार में आती हुई हवा में उछली और सड़क के बीच बनी बाउंड्री से टकराकर खाई में जा गिरी।
पुलिस के मुताबिक, पहली कार की टक्कर से रेलिंग टूटने के कारण दूसरे वाहन के लिए भी रास्ते में बड़ा खतरा पैदा हो गया था।
गुजरात के परिवार के दो लोगों की मौत
दूसरी कार में गुजरात के दाहोद का परिवार सवार था। परिवार उत्तर प्रदेश से इलाज कराने के बाद वापस लौट रहा था। हादसे में कार चालक रवि हटीला (35) समेत दो पुरुषों की मौत हुई है।
रवि की पत्नी रेणुका और उनके काका मनसुख भाई को इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज लाया गया। परिवार में कार्तिक (12), पूर्वी (10) और आयुष (8) बच्चे भी हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
दोनों हादसों की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य कराया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस दोनों दुर्घटनाओं के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में पहले हादसे की वजह चालक को झपकी आना बताई जा रही है, जबकि दूसरे हादसे में टूटी रेलिंग और सड़क की स्थिति की भूमिका की जांच की जा रही है।









