होर्मुज से LNG सप्लाई बढ़ी, गैस संकट टलने की उम्मीद

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध के कारण पिछले कुछ महीनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसका असर LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही पर भी पड़ा था। हालांकि अब हालात में कुछ सुधार देखने को मिल रहा है। सितंबर में होर्मुज से LNG ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। माना जा रहा है कि अक्टूबर में इसमें और तेजी आ सकती है।
सितंबर में होर्मुज से निकले 19 LNG कार्गो
S&P ग्लोबल एनर्जी के प्रिंसिपल एनालिस्ट एरिक येप के अनुसार, सितंबर में कुल 19 LNG कार्गो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर निकले। इनमें 13 जहाज कतर और 6 जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से थे। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के आखिरी 15 दिनों में LNG जहाजों की आवाजाही में खास तेजी देखने को मिली। अगर अक्टूबर में भी यह रफ्तार बनी रहती है, तो LNG की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर के करीब 25 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
Kpler के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी
शिपिंग डेटा कंपनी Kpler के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में 21 LNG कार्गो होर्मुज से बाहर निकले। जबकि जून में यह संख्या 15 थी। हाल के हफ्तों में कतर की सरकारी कंपनी कतर एनर्जी से जुड़े कई LNG जहाज भी इस रास्ते से गुजरे हैं। इनमें कुछ जहाज LNG से भरे हुए थे, जबकि कुछ खाली थे। इस दौरान कतर के रास लफन गैस टर्मिनल से जुड़े तीन LNG जहाज भी होर्मुज से बाहर निकलते दिखाई दिए। इनमें अल खरैतियत, अल घराफा और मिलाहा कतर शामिल हैं।
इनमें से अल खरैतियत और अल घराफा जहाज होर्मुज से निकलने के कुछ दिन बाद भारत के पश्चिमी तट के पास देखे गए। वहीं मिलाहा कतर भी होर्मुज से निकलकर भारत के पश्चिमी तट तक पहुंचा और बाद में गुजरात के हजीरा बंदरगाह पर LNG की डिलीवरी शुरू की।
अक्टूबर में और बढ़ सकती है सप्लाई
सितंबर के आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि अगर होर्मुज में स्थिति स्थिर रहती है तो अक्टूबर में LNG जहाजों की आवाजाही और बढ़ सकती है। इससे भारत समेत उन देशों को राहत मिल सकती है, जो LNG की सप्लाई के लिए इस समुद्री रास्ते पर निर्भर हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए LNG की बढ़ती आवाजाही को राहत की खबर माना जा रहा है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए आगे की सप्लाई स्थिति पर नजर बनी रहेगी।









