Popup Image
Advertisement

शारदीय नवरात्रि : हाथी पर सवार होकर आएंगी मां जगदंबा, इस बार अष्टमी की होगी वृद्धि

11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 20 को मनेगी विजय दशमी

Advertisement

उज्जैन। इस बार शारदीय नवरात्रि पर मां जगदंबा हाथी पर सवार होकर आएंगी। नवरात्र 11 से शुरू होंगे। 20 अक्टूबर को नवमी और दशहरा साथ रहेगा। मां के हाथी पर सवार होकर आने से जल वृष्टि, व्यापार वृद्धि और किसानों के लिए शुभ संकेत है। इस बार प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर को सुबह 6:22 बजेे शुरू होगी और रात 9:31 बजे तक रहेगी।

ज्योतिर्विद पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास ने बताया कि इस बार पंचांगों में अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह 8:29 बजे तक रहेगी। महानवमी 20 अक्टूबर को है और इसी दिन श्रवण नक्षत्र में विजयादशमी भी मनाई जाएगी।

Advertisement

घटस्थापना का मुहूर्त और वैधृति योग

 प्रात: काल- सुबह 6:22 से 10:16 बजे तक।

Advertisement

अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:50 से दोपहर 12:36 बजे तक।

नोट- घर-गृहस्थी वाले अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना करें।

वैधृति योग रात 9:05 बजे तक रहेगा। इस योग के स्वामी वरुण देव हैं। इस योग में मांगलिक कार्य टालने की परंपरा है, लेकिन जप, तप और देवपूजन किया जा सकता है।

दक्षिणायन में नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

शा रदीय नवरात्रि सूर्य के दक्षिणायन काल में आती है। दक्षिण दिशा का संबंध यम, पितृ-तत्व और परिवर्तन से है। शक्ति-उपासना में यह दिशा देवी के उग्र और रक्षात्मक स्वरूपों का स्मरण कराती है। नवरात्रि की रात्रियां आत्मचिंतन, शक्ति-उपासना और मंत्र-जप के लिए विशेष मानी जाती हैं। यह पर्व केवल बाहरी विजय का नहीं, बल्कि अपने भीतर के भय, क्रोध और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें