सड़क पार कर रहे दस वर्ष के बालक की अज्ञात मोटरसाइकिल चालक ने ली जान

उज्जैन-जावरा स्टेट हाई-वे-17 पर 13 दिनों में तीसरी मौत, ब्लैक स्पॉट चिन्हित होने के बावजूद विभाग कुछ नहीं कर रहे
अक्षरविश्व न्यूज उन्हेल। उज्जैन-जावरा स्टेट हाई-वे-17 पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को खजुरिया खाल के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब बालक खेत से अपने घर जाने के लिए सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान उन्हेल से उज्जैन की ओर जा रही एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने उसे खतरनाक टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल उन्हेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार जिगर पिता लोकेश गुर्जर, खजुरिया खाल स्थित अपने खेत से घर की ओर जा रहा था। उसे सड़क पार करना था। जैसे ही वह सड़क पार करने लगा, उसी दौरान उन्हेल की ओर से उज्जैन की तरफ जा रही अज्ञात मोटरसाइकिल ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि बालक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिजन को घटना की जानकारी मिलने पर वे भी घटनास्थल पर पहुंचे और घायल जिगर को उपचार के लिए उन्हेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने अज्ञात मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ ही मोटरसाइकिल और उसके चालक की तलाश कर रही है।
सवाल: कब रुकेगा हादसों का सिलसिला
उज्जैन-नागदा-जावरा स्टेट हाई-वे-17 पर लगातार हो रहे हादसे स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार पिछले 13 दिनों में इस मार्ग पर सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार हादसों को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा यातायात पुलिस, आरटीओ उज्जैन और संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को मार्ग पर दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित विभागों द्वारा स्टेट हाई-वे-17 पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाने की जानकारी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थानों पर अभी तक पर्याप्त साइन बोर्ड, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।
सड़क पर खड़े वाहन बन रहे परेशानी
स्टेट हाई-वे-17 का एक हिस्सा नगर के बीच से होकर गुजरता है। नगर क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण होने के साथ ही कई स्थानों पर वाहन सड़क किनारे या सड़क पर ही खड़े कर दिए जाते हैं। इसके कारण हाई-वे पर आवागमन के दौरान वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर खड़े वाहनों, अतिक्रमण और तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। विशेषकर नगर क्षेत्र और आबादी वाले हिस्सों में पैदल सड़क पार करने वाले लोगों तथा दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है।
सख्ती से हटाना होंगे अतिक्रमण-नगर के बीच हाई-वे के दोनों ओर किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा सड़क पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जरूरत है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस मार्ग पर सड़क हादसों का सिलसिला और गंभीर रूप ले सकता है। 10 वर्षीय जिगर की मौत ने एक बार फिर स्टेट हाई-वे-17 की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि लगातार हो रहे हादसों के बाद संबंधित विभाग ब्लैक स्पॉट और नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करते हैं। अधिकारियों की सक्रियता पर लोगों की नजर है।









