गुप्त नवरात्रि में इन मंत्रों का नियमित करें जप

मां तारा का मंत्र और लाभ- ओम ह्नीं स्त्रीं हुम फट मां तारा के इस मंत्र का जाप 108 बार अवश्य करना चाहिए। शांत मन और श्रद्धापूर्वक इसका जाप करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है और जीवन में हर प्रकार का सुख मिल सकता है।

मां काली का मंत्र और लाभ- ओम ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा मंत्र का जाप करने से बहुत उत्तम फल की प्राप्ति होती है। मां काली के इस मंत्र का शांत मन और श्रद्धापूर्वक जाप करने से जीवन की बाधाओं, भय, शत्रु, दुर्घटनाओं से रक्षा होती है।
मां भुवनेश्वरी का मंत्र और लाभ- ह्रीं भुवनेश्वरीयै ह्रीं नम: मंत्र मां भुवनेश्वरी को समर्पित है। गुप्त नवरात्रि में इसका जाप करने से सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। सामाजिक पदों पर सफलता मिल सकती है।
मां कमला का मंत्र और लाभ- हसौ- जगत प्रसुत्तयै स्वाहा गुप्त नवरात्रि में मां कमला के इस मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। इन्हें धन और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। यह मंत्र व्यापार, नौकरी और आर्थिक तरक्की दिलाने वाला है। इसके जप से ऐश्वर्य और सुख-शांति की भी प्राप्ति हो सकती है।
मां त्रिपुर सुंदरी का मंत्र और लाभ- ऐ ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम: मंत्र का जाप करने से साधक को सौंदर्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति हो सकती है। लेकिन इसके लिए इस मंत्र का जप ध्यान लगाकर और शांत मन से 108 बार करना चाहिए। मां त्रिपुर सुंदरी के इस मंत्र का जाप करने से दांपत्य जीवन की समस्याओं से भी मुक्ति मिल सकती है।
मां बगुलामुखी का मंत्र और लाभ- ह्लीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलम बुद्धिं विनाशय ह्लीं स्वाहा यह मंत्र मां बगुलामुखी को समर्पित है। जिसका जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और साहस में वृद्धि होती है। मां को शत्रु नाश की देवी माना गया है। ऐसे में उनका आराधना से साधक शत्रु बाधा से भी मुक्ति मिल सकती है।
मां छिन्नमस्ता का मंत्र और लाभ- श्रीं ह्रीं ऐं वज्र वैरोचानियै ह्रीं फट स्वाहा मंत्र का जाप कम से कम 108 बार अवश्य करना चाहिए। मां छिन्नमस्ता को बलिदान और उग्रता की देवी माना जाता है। उनके इस मंत्र का जाप करने से भय से मुक्ति मिलती है और सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं और शक्तियों से रक्षा प्राप्त होती है।
मां धूमावती का मंत्र और लाभ- धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा इस मंत्र का जाप गुप्त नवरात्रि के दौरान करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। शांत मन से 108 बार इसका जप करने से नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है। साथ ही, जीवन में उन्नति के द्वार खुल सकते हैं।









