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बेटियां समाज, राष्ट्र की अमूल्य धरोहर : प्रो. भारद्वाज

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना में ‘हम होंगे कामयाब’ पखवाड़ा अंतर्गत कार्यशाला

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सुसंस्कृत, संस्कारवान समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए बेटियों को पढ़ाना, उनकी सुरक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। बेटियों के बिना परिवार, समाज, राष्ट्र अकल्पनीय है तो सामाजिक असंतुलन, असमानता ही परिणाम होगा।
उक्त विचार कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने डॉ. अंबेडकर पीठ और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना में ‘हम होंगे कामयाब’ पखवाड़ा अंतर्गत एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।

स्वागत भाषण प्रियंका त्रिाठी प्रोव्हीजन अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिया। कार्यशाला की रूपरेखा नीलेश दुबे ने प्रस्तुत की। कार्यशला तीन सत्र में हुई। इनमें जेंडर एवं सामाजिक नियम, समाज में प्रचलन-चुनौतियां एवं अवसर, उज्जैन जिले में बाल संरक्षण के मुद्दे, चुनौतियां और अवसर, बच्चों और महिलाओं के लिए महिला एवं बाल विकास की योजनाएं एवं कार्यक्रम, युवाओं के बीच मनोसामाजिक मुद्दे की चुनौतियों, जेंडर फोरम का गठन, प्रक्रिया, गतिविधि एवं रिपोर्टिंग जैसे समसामयिक विषयों पर विचार विमर्श हुआ।

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कार्यशाला में तराना, घट्टिया, उन्हेल, बडऩगर, महिदपुर, नागदा, माकड़ौन, खाचरौद, कायथा के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यशाला में आदित्य बिरला फाउंडेशन के सोशल साइक्लोजिस्ट निखिल मिश्रा, रोहित वर्मा राज्य समन्वयक, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी प्रियंका जायसवाल, प्रोव्हीजन अधिकारी प्रियंका त्रिपाठी ने विषयगत बारीकियों, संभावित कार्ययोजना, रणनीति पर विमर्श किया।

फार्मेसी अध्ययनशाला के आचार्य प्रो. कमलेश दशोरा भी उपस्थित थे। कार्यशाला में हर्षराज, शौर्य मोहन, आदित्य मालवीय, अंकुर टिटवानिया, चंदा बाई का सहयोग रहा। संचालन डॉ. अंबेडकर पीठ की सहायक प्राध्यापक डॉ. निवेदिता वर्मा ने किया। आभार डॉ. आचार्य प्रो. एस.के. मिश्र ने माना।

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