सांस्कृतिक महोत्सव में सानवी ने कथक नृत्य से मंत्रमुग्ध किया

सर्वश्रेष्ठ कलाकार पुरस्कार से सम्मानित

उज्जैन। इफको द्वारा आयोजित 12वां अंतर इकाई सांस्कृतिक महोत्सव 2 जून से 8 जून तक पारादीप, ओडिशा में अत्यंत गरिमा के साथ संपन्न हुआ। देशभर की इफको इकाइयों से आए सैकड़ों प्रतिभागियों ने नृत्य, संगीत, नाटक और अन्य कलाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही शिव तांडव पर आधारित कथक की एकल प्रस्तुति, जिसे उज्जैन की युवा कलाकार सानवी पाल ने लय, भाव और तकनीक के त्रिवेणी संगम के साथ प्रस्तुत किया। सानवी, प्रतिभा संगीत कला संस्थान, उज्जैन से जुड़ी हुई एक प्रतिभाशाली कलाकार हैं। इस प्रस्तुति का निर्देशन मैत्रेयी पाहारी के मार्गदर्शन में हुआ। उन्हें अनुसुआ मजुमदार और अश्मिता एच से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।
सानवी की प्रस्तुति ने मंच पर न केवल ऊर्जा और नृत्य की गूंज भर दी, बल्कि निर्णायक मंडल को भी प्रभावित किया। कथक की शुद्धता, गहन अभिव्यक्ति और संतुलित तकनीक ने उनके नृत्य को एक विशेष पहचान दी। डॉ. स्नेहा प्रभाव समंतराय, सदस्य, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, ने सानवी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा ‘ऐसा ही शुद्ध और सशक्त कथक मंच पर प्रस्तुत होना चाहिए।’ सानवी की भाव-भंगिमा, लयबद्धता और कलात्मक दृष्टि अत्यंत सराहनीय रही। इफको हेड ऑफिस एवं मार्केटिंग टीम ने महोत्सव में द्वितीय पुरस्कार (उपविजेता ट्रॉफी) हासिल की। जिसमें सानवी की प्रभावशाली प्रस्तुति ने निर्णायक भूमिका निभाई। सानवी पाल को इस महोत्सव में उनकी सभी प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महोत्सव का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता’ पुरस्कार प्रदान किया गया। सानवी पाल उज्जैन के अक्षत इंटरनेशनल स्कूल से कला संकाय में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं।









