फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर से बदल रहा EV बाजार, बिक्री में बड़ी बढ़ोतरी

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर अब सिर्फ युवाओं या शौक के लिए खरीदा जाने वाला वाहन नहीं रह गया है। अब परिवार भी रोजमर्रा के काम के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर को पसंद कर रहे हैं। ऑफिस जाना हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या बाजार जाना हो, इन कामों के लिए फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसका असर कंपनियों की बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है। TVS, Bajaj, Ather और Hero की Vida ने इस साल के शुरुआती 8 महीनों में ही पिछले पूरे साल से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेच दिए हैं।
8 महीने में 10 लाख से ज्यादा वाहन बिके
ऑटोकार इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच TVS, Bajaj, Ather और Vida ने कुल 10,38,973 इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक बेचीं। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 84 प्रतिशत ज्यादा है। इन चारों कंपनियों ने पूरे 2025 में 9,22,824 वाहन बेचे थे। यानी 2026 में सिर्फ 8 महीनों के अंदर ही पिछले पूरे साल की बिक्री का आंकड़ा पार हो गया। देश में अब तक करीब 13.6 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक चुके हैं। ऐसे में इस साल कुल बिक्री 20 लाख तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
TVS सबसे आगे
बिक्री के मामले में TVS सबसे आगे है। जनवरी से अगस्त के बीच कंपनी ने 3,56,579 यूनिट बेचीं। Bajaj 3,05,226 यूनिट के साथ दूसरे और Ather 2,29,099 यूनिट के साथ तीसरे स्थान पर रही। Vida की बिक्री में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। कंपनी ने 1,48,069 यूनिट बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 151 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं Ola Electric की बाजार में पकड़ पहले के मुकाबले कमजोर हुई है।
परिवारों को क्यों पसंद आ रहे इलेक्ट्रिक स्कूटर?
इलेक्ट्रिक स्कूटर की बढ़ती मांग की एक बड़ी वजह इनकी फैमिली जरूरतों के हिसाब से डिजाइनिंग है। Ather का Rizta इसका एक उदाहरण है। वहीं Vida के VX2 मॉडल में बैटरी किराये पर लेने का विकल्प मिलता है। इससे वाहन खरीदते समय शुरुआती खर्च कम हो जाता है। Ather ने भी अगस्त के अंत में Konarc मॉडल लॉन्च किया, जिसकी शुरुआती कीमत 99,999 रुपये रखी गई है। इसके अलावा TVS और Bajaj का बड़ा डीलर और सर्विस नेटवर्क भी ग्राहकों के भरोसे को बढ़ाता है। इलेक्ट्रिक स्कूटर का एक फायदा रोजाना के खर्च में भी दिखाई देता है। पेट्रोल की जगह बिजली से चलने के कारण नियमित इस्तेमाल में ईंधन पर होने वाला खर्च कम हो सकता है।
सब्सिडी से भी मिल रही मदद
सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना से भी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद को मदद मिल रही है। योजना को 31 मार्च 2028 तक बढ़ाया गया है। हालांकि अब एक वाहन पर अधिकतम 5,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जबकि पहले यह राशि 10,000 रुपये तक थी।यह लाभ 1.5 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्टरी कीमत वाले पात्र वाहनों पर लागू है। सरकार ने योजना का बजट बढ़ाकर 2,767 करोड़ रुपये किया है। हालांकि सब्सिडी के लिए उपलब्ध राशि सीमित है, इसलिए फंड खत्म होने पर लाभ मिलना बंद हो सकता है। कुल मिलाकर, फैमिली जरूरतों वाले नए मॉडल, बढ़ता सर्विस नेटवर्क और कम चलने का खर्च इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।









