स्वीकृति के 15 माह बाद भी नहीं मिला कपिलधारा कूप का लाभ, किसान परेशान

राशि अटकी तो किसान ने कर्ज लेकर पूरा कराया निर्माण
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मनरेगा अर्थात वी-वीजी- राम जी से जुड़ी कपिलधारा योजना के तहत स्वीकृत कूप निर्माण की पूरी सहायता राशि समय पर नहीं मिलने से झार्डा तहसील की कल्लापिपलिया पचंायत के अन्र्तगत आने वाले गांव टिलियाखेड़ी निवासी किसान सोदानलाल आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। किसान के अनुसार 2025 में कूप निर्माण स्वीकृत हुआ था। योजना के तहत करीब ढाई लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि मिलना थी, लेकिन निर्माण पूरा होने के करीब 15 माह बाद भी पूरी राशि का भुगतान नहीं हो सका है। किसान ने सबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करवाई तो उन्हे यह कह कर आश्वत कर दिया की अभी किसी की भी राशि नही डली है। यह कार्य अभी प्रोसेस में है जल्द ही राशि आपके पास आ जाएगी।
किसान ने बताया कि प्रारंभिक किस्त मिलने के बाद कूप की खुदाई शुरू कराई थी। इसी बीच बारिश का मौसम आने से निर्माण कार्य को अधूरा छोडऩा संभव नहीं था। अन्यथा कूप में फिर से मिट्टी गिर जाती जिसके कारण कूप की बंधाई, सरिया, सीमेंट, बोरिंग सहित अन्य जरूरी काम कराने के लिए पिनी ओर से राशि खर्च करनी पड़ी। भुगतान नहीं होने के कारण इन खर्चों की भरपाई नहीं हो सकी।
किसान के अनुसार अब तक उसे मजदूरी मद की राशि ही है, जबकि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और अन्य कार्यों से संबंधित भुगतान लंबित है। किसान का कहना है कि फसल नुकसान और आर्थिक तंगी के बीच निर्माण पूरा कराने के लिए उसे उधार लेना पड़ा। अब लंबित राशि नहीं मिलने से कर्ज चुकाने की चिंता बढ़ गई है।
किसान ने प्रशासन से मामले की जांच कर योजना के तहत स्वीकृत राशि, अब तक किए गए भुगतान और लंबित राशि की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही पात्रता के अनुसार शेष भुगतान शीघ्र कराने की मांग की है।
कपिलधारा योजना का उद्देश्य खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना मनरेगा से जुड़ी हितग्राही योजना के तहत संचालित होती है, जिसमें पात्र हितग्राहियों के लिए कूप निर्माण से संबंधित कार्यों का प्रावधान है। ऐसे में स्वीकृति के बाद समय पर भुगतान नहीं होने से योजना के उद्देश्य और हितग्राही को मिलने वाले वास्तविक लाभ पर सवाल खड़े हो रहे हैं।









