पोते ने की थी दादी के यहां चोरी पकड़ा तो दूसरी घटना भी कबूली

पार्षद के घर चोरी करने वाले 70 दिन बाद पकड़ाए
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दो युवकों ने दो नाबालिग के साथ मिलकर चोर गैंग तैयार की थी। यह लोग मोहल्ले में घूमकर रेकी करते और जो घर खाली दिखता, उसे साफ कर देते। गैंग में शामिल एक नाबालिग ने अपनी दादी का ही घर साफ कर दिया। पुलिस ने दो नाबलिग सहित एक युवक को हिरासत में लिया है। इन्होंने वार्ड 40 की भाजपा पार्षद जानीबाई राठौर का घर भी साफ किया था।
दरअसल, पंवासा थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात एकाएक बढ़ी तो पुलिस ने मुखबिरों केा सक्रिय किया। पुलिस को सूचना मिली कि बंद श्री सिंथेटिक्स फैक्टरी के पास एक युवक और दो किशोर संदिग्ध हालत में घूम रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को पकड़कर थाने लाई । पूछताछ में तीनों ने कबूल किया और वह अपने एक और साथी के साथ मिलकर चोरी की वारदात करते थे। यह दिन में सूने मकान की रेकी करते और फिर उसमें घुसकर वारदात को अंजाम देते थे।
पार्षद गई थीं इंदौर
आरोपियों ने पहली वारदात वार्ड 40 से भाजपा पार्षद जानीबाई राठौर के यहां की थी। पार्षद 1 मई को परिवार के साथ इंदौर गई थीं। घर सूना था आरोपियों ने इसका फायदा उठाया और वारदात को अंजाम दिया। यह लोग 50 हजार रुपए नकद, चांदी के पुराने जेवर (बिछिया, चेन),सिक्के, 500 ग्राम चांदी के आंवले, सोने की नथ(कीमत 1.50 लाख) चुरा ले गए थे। इसी तरह आरोपियों ने 28 जून को अमृत नगर निवासी 60 वर्षीय शांताबाई देवड़ा के घर को निशाना बनाया था। वह मजदूरी पर गई थी। इसी दौरान आरोपी घर में घुसे और 2 पेटियां उठा ले गए। इनमें सोने का हार, टॉप्स, मोती, चांदी का कमरबंद, पायल और बिछिया समेत करीब 4.5 लाख रुपए के जेवर थे।
टीआई गमरसिंह मंडलोई ने बताया कि पंवासा की विश्वकर्मा कॉलोनी में रहने वाले मोनिया उर्फ मोनू पंवार, विधायक नगर के कार्तिक पिता कन्हैया बैंडवाल ने अपने दो नाबालिगों के साथ मिलकर गिरोह बना रखा था। मोनिया और दो नाबलिगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि कार्तिक फरार है।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
शांताबाई के घर चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज चैक करते वक्त नाबालिग पोता आसपास घूमता दिखा। पुलिस ने उस पर निगरानी बढ़ाई तो पता चला कि वो जेवरों को बेचने की फिराक में घूम रहा है। यह सुराग मिलते ही पुलिस ने उसे और उसके दो साथियों को धरदबोचा। इनके पास से बरामद गहने शांता बाई के यहां से चुराए गए गहनों से अधिक थे। बाकी गहनों के बारे में पूछा तो पार्षद के घर चोरी की घटना भी इन्होंने कबूल ली।









