GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, 2.43 लाख करोड़ रुपये के पार

नई दिल्ली। देश का जीएसटी संग्रह अप्रैल 2026 में एक बार फिर ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार इस महीने कुल सकल जीएसटी कलेक्शन ₹2,42,702 करोड़ दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह पिछले साल अप्रैल 2025 के ₹2,23,265 करोड़ की तुलना में 8.7 प्रतिशत अधिक है।

वहीं, रिफंड घटाने के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व ₹2,10,909 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹1,96,618 करोड़ से 7.3 प्रतिशत ज्यादा है। लगातार बढ़ते राजस्व से यह संकेत मिल रहा है कि देश में टैक्स अनुपालन और आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।
आंकड़ों के अनुसार घरेलू जीएसटी संग्रह ₹1.85 लाख करोड़ रहा, जिसमें साल-दर-साल 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं आयात से जुड़े जीएसटी में 25.8 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹57,580 करोड़ तक पहुंच गया। इससे साफ है कि इस वृद्धि में बाहरी व्यापार और आयात का बड़ा योगदान रहा है।
इस दौरान रिफंड में भी बढ़ोतरी हुई है। कुल रिफंड 19.3 प्रतिशत बढ़कर ₹31,793 करोड़ पहुंच गया, जिसमें घरेलू रिफंड में 54.6 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निर्यात से जुड़े रिफंड में 14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जीएसटी कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल 2022 में यह लगभग ₹1.67 लाख करोड़ था, जो अप्रैल 2024 में ₹2.10 लाख करोड़ और अप्रैल 2025 में ₹2.23 लाख करोड़ को पार कर गया। अब अप्रैल 2026 में यह नया रिकॉर्ड स्तर हासिल कर चुका है।
हालांकि, विकास दर में हल्की सुस्ती देखी गई है। अप्रैल 2026 में वार्षिक वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही, जो मार्च में 8.8 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग के मुकाबले आयात आधारित राजस्व का योगदान अधिक रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी जीएसटी संग्रह पर प्रभाव पड़ा है। सरकार का मानना है कि जीएसटी प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले महीनों में राजस्व और स्थिरता के साथ आगे बढ़ सकता है।








