कस्तूरी बाग के पानी से झड़ रहे लोगों के बाल, सांस लेने में भी परेशानी

जलसुनवाई में की शिकायत: इंदौर के वॉटर पॉइजनिंग कांड के बाद उज्जैन में भी अलर्ट

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जलसुनवाई में मंगलवार दोपहर कस्तूरी बाग कॉलोनी के हर्षित टेकवानी ने पीएचई और नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत की कॉलोनी के 100 घर पीएचई लाइन के लिए तरस रहे हैं। बोरिंग का पानी इतना दूषित है कि बच्चों को एलर्जी हो रही है, बाल झड़ रहे हैं और लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। 3 साल से शिकायत के बावजूद यहां लाइन नहीं डाली गई।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद उज्जैन प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंगलवार को शहर में एक साथ 9 स्थानों पर जलसुनवाई की गई। इंदिरा नगर क्षेत्र में आयोजित सुनवाई के दौरान नागरिकों ने पुरानी पाइप लाइनों और दूषित पानी को लेकर तीखे सवाल उठाए। जिसे दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया।
घर-घर जाकर सैंपलिंग कर रही टीम
पीएचई इंजीनियर अभिषेक रोकड़े ने बताया शहर की सभी पानी की टंकियों की मैन्युअल सफाई, ब्लीचिंग और सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। टंकियों पर मधुमक्खी के छत्तों की समस्या पर उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। पीएचई की टीम घर-घर पहुंचकर भी पानी की सैंपलिंग और टेस्टिंग की जा रही है। शिविरों में जल कार्य समिति के प्रभारी प्रकाश शर्मा, स्थानीय पार्षदों और निगम अधिकारियों की मौजूदगी में पेयजल लीकेज, नए नल कनेक्शन, बोरवेल और हैंडपंप संबंधी दर्जनों शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया।
9 स्थानों पर जल सुनवाई में लोगों ने खुद जांच करवाए पानी के सैंपल
मंगलवार को स्वच्छ जल अभियान के तहत शहर के जूना सोमवारिया टंकी, महाश्वेता नगर टंकी, इंदिरा नगर टंकी, देवास गेट टंकी, त्रिवेणी विहार टंकी, सिंधी कॉलोनी टंकी और वृंदावन पुरा टंकी, छत्रपति शिवाजी भवन (नगर निगम), कोयला फाटक और कलेक्टोरेट (कोठी रोड) पर सुबह से दोपहर 2 बजे तक जलसुनवाई की गई। शिविर की खास बात यह रही कि स्थानीय नागरिक अपने घरों से पानी के सैंपल लेकर जांच करवाने पहुंचे। इंदिरा नगर के निवासियों ने जब सैंपल की जांच कराई, तो पीएचई द्वारा सप्लाई पानी पूरी तरह शुद्ध और क्लोरिन युक्त पाया गया।
पीएचई के पानी के आगे बिसलरी भी फेल-शर्मा
जल कार्य एवं सीवरेज समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा ने इंदिरा नगर में मीडिया के सामने दावा किया कि बिसलरी का पानी भी पीएचई के पानी के सामने फेल है। जब उसने सवाल किया गया कि बैठकों में बिसलरी पानी क्यो उपयोग करते हो तो वे मुस्कराकर रह गए। हालांकि जल सुनवाई में ही कई जगह से पीएचई का गंदा पानी भी लोग लेकर आए। जिस पर शर्मा ने कहा कि यह उनकी बरसों पुरानी सड़ी-गली सप्लाई लाइन के कारण हो रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि बिजली जाने पर लोग तुरंत केबल ठीक कराते हैं, लेकिन बरसों पुरानी टूटी-सड़ी पाइप पर ध्यान नहीं देते। उन्होंने अपील की सप्लाई शुरू होने के 10 मिनट बाद ही मोटर चलाएं ताकि दूषित पानी न खिंचे, अपने घरों के टूटे-फूटे नल कनेक्शन दुरुस्त करवाएं।









