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भक्तों के लिए जगह-जगह लगाए सूचना लिखे बोर्ड

होली और रंगपंचमी पर्व… रंग-गुलाल पर प्रतिबंध को लेकर एक्शन में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में रंग-गुलाल पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का पालन करवाने के लिए बुधवार को मंदिर प्रशासन एक्शन में नजर आया। पूरे मंदिर परिसर सहित पूरे परिक्षेत्र में जगह-जगह सूचना लिखे बोर्ड लगाए गए जिस पर लिखा था कि होली एवं रंगपंचमी पर मंदिर में किसी भी प्रकार रंग-गुलाल, कलर गन एवं अन्य किसी भी तरह का पाउडर ले जाना प्रतिबंधित है।

दरअसल, 25 मार्च 2024 को होली पर भस्मार्ती के दौरान गुलाल उड़ाने पर आग लग गई थी जिसमें 14 लोग झुलस गए थे। जिसमें से मंदिर के सेवक सत्यनारायण सोनी की मौत हो गई थी। इसी के चलते बतौर एहतियातन मंगलवार को प्रशासक प्रथम कौशिक, एसपी प्रदीप शर्मा, एएसपी नितेश भार्गव सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं के रंग-गुलाल लेकर मंदिर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। इसी के चलते बुधवार को श्रद्धालुओं के हर मूवमेंट वाली जगह पर सूचना लिखे बोर्ड लगाए गए ताकि उन्हें इसकी जानकारी मिल सके।

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पहले होगी जांच, फिर मिलेगा दर्शनार्थियों को प्रवेश

गुरुवार शाम को मंदिर परिसर में होलिका दहन किया जाएगा। १४ मार्च को धुलेंडी और १९ मार्च को रंगपंचमी पर्व मनाया जाएगा। इस दिनों में जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में एंट्री मिलेगी। रंग-गुलाल अंदर ना ले जाने का निर्णय मंदिर के पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी, सेवक और परिसर स्थित अन्य छोटे-बडे मंदिर के पुजारी, सेवक व अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी लागू है। इसके लिए मंदिर समिति के कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी-कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों से सभी प्रवेश द्वार और परिक्षेत्र की निगरानी करेंगे।

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प्रतीकात्मक रूप से अर्पित करेंगे हर्बल गुलाल
श्री महाकालेश्वर मंदिर में १३ मार्च को सबसे पहले होलिका दहन होगा। १५ मार्च को भस्मार्ती में होली मनाई जाएगी। इस दौरान परंपरा के सम्यक निर्वहन के लिए भगवान महाकाल को सीमित मात्रा में प्रतीकात्मक रूप से हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा। इसी प्रकार रंगपंचमी पर 19 मार्च को भी भस्मार्ती में एक लोटा केसरयुक्त जल एवं संध्या आरती में केसर का रंग प्रतीकात्मक रूप से बाबा को अर्पित किया जाएगा। हर्बल गुलाल, केसरयुक्त जल एवं केसर का रंग मंदिर प्रबंध समिति की कोठार शाखा द्वारा भस्मार्ती पुजारी एवं शासकीय पुजारी को उपलब्ध करवाया जाएगा।

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