घर में शीशा लगाते समय रखें इन 6 बातों का ध्यान

घर में शीशा रोजमर्रा की जरूरत के साथ सजावट का भी अहम हिस्सा है। तैयार होने से लेकर कमरे को बड़ा दिखाने तक इसका इस्तेमाल होता है। वहीं वास्तु में शीशे की जगह को लेकर कुछ मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि सही जगह लगाया गया दर्पण घर के माहौल को बेहतर बनाने में मदद करता है।
1. बेड के सामने शीशा न लगाएं
वास्तु की मान्यता के अनुसार बेड के ठीक सामने शीशा नहीं लगाना चाहिए। रात में अपना प्रतिबिंब दिखाई देने से बेचैनी महसूस हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि सोते समय बेड सीधे शीशे में न दिखे।
2. टूटा हुआ शीशा घर में न रखें
शीशे में दरार आ गई है या वह टूट गया है तो उसे बदल देना बेहतर है। वास्तु में टूटे शीशे को अच्छा नहीं माना जाता। इसके अलावा टूटा हुआ शीशा सही प्रतिबिंब भी नहीं दिखाता।
3. उत्तर और पूर्व दिशा को माना जाता है शुभ
वास्तु की मान्यता के अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा में शीशा लगाना अच्छा माना जाता है। घर में नया दर्पण लगाने से पहले उसकी दिशा का ध्यान रखा जा सकता है।
4. दक्षिण दिशा में शीशा लगाने से बचें
वास्तु के अनुसार दक्षिण और दक्षिण–पश्चिम दिशा में शीशा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए संभव हो तो दर्पण के लिए दूसरी दिशा चुनें।
5. मुख्य दरवाजे के सामने शीशा न लगाएं
दरवाजे के ठीक सामने दर्पण लगाने से भी वास्तु में बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा वापस बाहर जा सकती है।
6. शीशे के सामने गंदा सामान न रखें
दर्पण के सामने कूड़ेदान, गंदे कपड़े या बिखरा हुआ सामान रखने से बचें। साफ–सुथरी चीजें सामने होने से कमरा भी ज्यादा सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देता है।









