उज्जैन दौरे पर पहली बार आए पश्चिम रेलवे के नवनियुक्त जीएम विवेक कुमार गुप्ता से मीडिया की बातचीत, बोले-

यात्री मिले तो उज्जैन, इंदौर और देवास के बीच सर्किल ट्रेन संभव

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पश्चिम रेलवे के जीएम विवेक कुमार गुप्ता ने कहा कि अगर यात्री मिले तो उज्जैन, देवास और इंदौर के बीच सर्किल ट्रेन चलाई जा सकती है। रतलाम में यार्ड बनने के बाद मेमू के रैक इसके लिए उपलब्ध होंगे। डेली अपडाउनर्स और लोकल पैसेंजर के लिए यह ट्रेनें सुविधाजनक होंगी ।
गुप्ता बुधवार को उज्जैन रेलवे स्टेशन के वीआईपी हॉल में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। वह सिंहस्थ-2028 के रेलवे कामों को प्रजेंटेशन देखने आए थे। उनसे उज्जैन-इंदौर के बीच मेट्रो की जगह सर्किल ट्रेन चलाने पर सवाल पूछा गया था।
दोनों एंड से जुड़ जाएंगे प्लेटफार्म नंबर 7 और 8
जीएम ने बताया कि दो महीने के भीतर प्लेटफार्म नंबर 7 और 8 को दोनों एंड से जोडऩे के लिए इंटरलॉकिंग काम शुरू कर दिया जाएगा। यह काम होने के बाद इन प्लेटफार्म का उपयोग हो सकेगा और माधवनगर वाला हिस्सा और विकसित हो जाएगा।
एक महीने में मिल जाएंगी रेलवे से सिंहस्थ संबंधी कार्यों की मंजूरी
जीएम ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को लेकर रेलवे और मध्यप्रदेश शासन के बीच बेहतर समन्वय है। मध्यप्रदेश शासन के रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट को एक महीने में मंजूरी दे दी जाएगी। सिंहस्थ में रोजाना 2 से 2.5 लाख यात्री रेल से उज्जैन पहुंचेंगे। इनके सुरक्षित आवागमन के लिए उज्जैन के साथ विक्रमनगर, चिंतामन गणेश, नईखेड़ी, मोहनपुरा और पिंगलेश्वर स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा। इन स्टेशनों पर प्लेटफार्मों की ऊंचाई-लंबाई बढ़ाई जाएंगी, होल्डिंग एरिया बनेंगे। अतिरिक्त लूप लाइनें डलेंगी। उज्जैन यार्ड का रिमॉडलिंग की जाएगी। टिकट काउंटर, एफओबी, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षाकेंद्र और बिजली पानी की व्यवस्था की जाएगी। इस पर 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
500 करोड़ रुपए सिंहस्थ में खर्च करेगा रेलवे
स्लीपर का दबाव कम करने के लिए एडिशनल ट्रेन- ट्रेनों में स्लीपर और जनरल कोच कम करने से यात्रियों को हो रही परेशानी पर जीएम ने बात की। उन्होंने कहा कि स्लीपर का दबाव कम करने के लिए व्यस्त रूट पर एडिशनल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। कई ट्रेनों ने जनरल कोच बढ़ाए हैं।
एसी कोच खाली नहीं, रोज चैक कर रहे हैं ऑक्यूपेंसी- जीएम ने स्लीपर कोच भरे और एसी कोच खाली होने के सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रोज ऑक्यूपेंसी चैक करते हैं। कुछ रूट पर ऐसा हो सकता है कि एसी कोच खाली चल रहे हों, ऐसी जगह पर यात्रियों के टिकट अपग्रेड कर रहे हैं।
…. और अंत में यात्री सुविधा पर फोकस – जीएम ने कहा कि वेस्टर्न रेलवे बेहतर काम कर रही है। हमारा मकसद सेफ्टी, समय पालन बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने पर है। इसलिए खानपान से लेकर सुरक्षा तक पर ध्यान दिया जा रहा है।









