महाकाल सवारी मार्ग पर बड़ा बदलाव, 800 परिवारों को मिला पत्र

उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी मार्ग को भव्य और एकरूप स्वरूप देने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। आने वाले समय में इस मार्ग पर स्थित मकान एक जैसे रंगों में रंगे नजर आ सकते हैं, जबकि दुकानों और प्रतिष्ठानों के साइन बोर्ड भी एक समान डिजाइन और आकार में दिखाई देंगे। इसके लिए नगर निगम की ओर से क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों और व्यापारियों से सहयोग मांगा गया है।
800 परिवारों और व्यापारियों तक पहुंचा संदेश
इस विशेष अभियान के तहत महाकाल सवारी मार्ग से जुड़े करीब 800 मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पत्र पहुंचाए गए हैं। जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय पार्षदों के माध्यम से यह संदेश घर-घर पहुंचाया गया, जिसमें नागरिकों से शहर की धार्मिक पहचान को और आकर्षक बनाने में सहभागिता की अपील की गई है।
धार्मिक पहचान को मिलेगा नया स्वरूप
पत्र में बताया गया है कि उज्जैन केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक परंपरा का प्रमुख केंद्र है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में शहर का स्वरूप भी उसी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए।
इसी सोच के तहत सवारी मार्ग पर स्थित भवनों और दुकानों को एक समान रंग और डिजाइन देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि पूरे मार्ग का दृश्य अधिक आकर्षक और व्यवस्थित दिखाई दे।

चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य से जुड़ी है योजना
शहर में कंठाल, सती गेट और गोपाल मंदिर क्षेत्र सहित कई स्थानों पर चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के तहत कुछ मकानों और दुकानों के हिस्से प्रभावित हुए हैं, जिनका पुनर्निर्माण भी किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि पुनर्निर्माण के साथ यदि भवनों और साइन बोर्डों का स्वरूप एक जैसा रखा जाए, तो पूरा मार्ग एक विशेष पहचान हासिल कर सकता है।
श्रद्धालुओं को मिलेगा अलग अनुभव
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं है, बल्कि शहर में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित वातावरण का अनुभव कराना भी है। एकरूप रंगों और साइन बोर्डों से मार्ग की भव्यता बढ़ेगी और धार्मिक पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।
जल्द होगी व्यापारियों और रहवासियों की बैठक
योजना को लेकर जल्द ही क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सुझाव लिए जाएंगे और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
नगर निगम को उम्मीद है कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के सहयोग से महाकाल सवारी मार्ग आने वाले समय में उज्जैन की नई पहचान बनकर सामने आएगा।









