सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन के 100 चौराहे होंगे हाईटेक, हर गतिविधि पर रहेगी नजर

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर उज्जैन में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। आने वाले महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शहर के 100 प्रमुख चौराहों को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। इन चौराहों को स्मार्ट तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगा।
100 चौराहों को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
प्रशासन ने शहर के 100 से ज्यादा महत्वपूर्ण चौराहों की पहचान की है, जहां चरणबद्ध तरीके से विकास और आधुनिकीकरण का कार्य किया जाएगा। इन चौराहों को आधुनिक डिजाइन के अनुरूप तैयार किया जाएगा ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।
योजना के तहत सभी प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न और यू-टर्न जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है।
सड़कों के चौड़ीकरण पर भी तेज काम
सिंहस्थ को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई प्रमुख मार्गों का विस्तार किया जा रहा है। कई सड़कों को चार और छह लेन में विकसित किया जा रहा है, जबकि शहर के भीतर 60 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण भी जारी है।
प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य पूरे होने के बाद चौराहों के विकास का काम और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक डिजाइन और तकनीकी तैयारी पहले ही पूरी की जा चुकी है।
कैमरों की नजर में रहेगा पूरा शहर
नई योजना के तहत विकसित होने वाले सभी चौराहों को स्मार्ट निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा। यहां लगाए जाने वाले हाईटेक कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल सीधे केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
कंट्रोल रूम में बैठी टीम शहर के विभिन्न हिस्सों की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेगी। किसी भी स्थान पर भीड़ बढ़ने, ट्रैफिक जाम या अन्य आपात स्थिति बनने पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन होगा आसान
प्रशासन का मानना है कि हाईटेक चौराहों के जरिए पूरे शहर की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी। आधुनिक तकनीक की मदद से यातायात संचालन को बेहतर बनाया जा सकेगा और सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होगा लक्ष्य
प्रशासन ने लक्ष्य तय किया है कि सिंहस्थ 2028 से पहले सभी प्रस्तावित चौराहों का निर्माण और आधुनिकीकरण पूरा कर लिया जाए। इससे महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी और शहर में सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आने वाले वर्षों में ये हाईटेक चौराहे सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को ही नहीं बदलेंगे, बल्कि उज्जैन को एक आधुनिक और स्मार्ट धार्मिक नगरी के रूप में नई पहचान भी देंगे।









