सिंहस्थ के दो ब्रिज पीडब्ल्यूडी को सौंपे पैसा निगम के पास…अटके प्रोजेक्ट

बजट हुआ 45 करोड़ नई प्रशासकीय स्वीकृति के चक्कर में उलझा फंड
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व एक्सक्लूसिव
नगर निगम दे नहीं रहा 21 करोड़ रुपए, दोनों काम उलझे
सुधीर नागर उज्जैन। सिंहस्थ के बड़े प्रोजेक्ट समय पर बनाने की चुनौती सरकार के सामने है, दूसरी तरफ शिप्रा नदी पर दो ब्रिज बनाने का पैसा देने के बाद भी काम उलझन में है। मामला बड़ा रोचक है। ब्रिज बनाने का काम पीडब्ल्यूडी के पास है और 21 करोड़ रुपए से अधिक का फंड नगर निगम के पास। बजट बढक़र 45 करोड़ हो गया है और नई प्रशासकीय स्वीकृति के कारण पेंच फंस गया है। नतीजा यह कि दोनों ब्रिज अभी अधर में हैं।
मामला शिप्रा नदी पर बनने वाले दो ब्रिजों का है। एक एसआर 24 मार्ग पर त्रिवेणी हिल्स कॉलोनी से सिकंदरी गांव को जोडऩे वाला प्रस्तावित ब्रिज है और दूसरा गऊघाट पाला से सांवराखेड़ी के बीच बनना है। सरकार 36 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दे चुकी है और 21 करोड़ रुपए से अधिक दे भी चुकी है, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो पा रहा। दरअसल पहले ब्रिज बनाने का काम नगर निगम को सौंपा गया था लेकिन बाद में तय किया गया कि ये काम पीडब्ल्यूडी से कराए जाएं। पीडब्ल्यूडी ने नए सिरे से सर्वे कर डीपीआर बनाई और इसका काम शुरू कर दिया। इसके ठेके भी दे दिए गए हैं लेकिन पैसा नगर निगम के पास होने से वह वर्क ऑर्डर जारी नहीं कर पा रहा।
नई प्रशासकीय स्वीकृति का ये है मामला
दोनों ब्रिज के लिए नगर निगम के पास 21 करोड़ 65 लाख रुपए जमा हैं।
पीडब्ल्यूडी ने 45 करोड़ से अधिक का नया एस्टीमेट विभाग को भेजा है।
डिपोजिट मद में पीडब्ल्यूडी ने इनको बनाने के लिए टेंडर प्रोसेस भी कर ली है।
25 जुलाई 2025 को पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम को पत्र भेजकर 21 करोड़ की राशि मांगी है।
मार्च 2025 में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने दोनों ब्रिज के काम नगर निगम की जगह पीडब्ल्यूडी को देने का निर्देश दिया था।
ये दो ब्रिज
1. एसआर 24 मार्ग पर त्रिवेणी हिल्स कॉलोनी के पीछे सिकंदरी की ओर 150 मीटर लंबा फोरलेन ब्रिज बनाना है। 16.22 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी।
2. गऊघाट पाला से सांवराखेड़ी के बीच 200 मीटर लंबा फोरलेन ब्रिज बनाने की योजना है। इसके लिए सरकार 19.86 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दे चुकी है।
और गुजर गया एक साल
ब्रिज की कवायद पिछले एक साल से चल रही है लेकिन विभाग बदलने और जारी राशि नगर निगम से न मिल पाने के चक्कर में एक साल गुजर गया, लेकिन ब्रिज की अब तक एक ईंट नहीं लगाई जा सकी।
यह सही है कि हम दो ब्रिज बनाने के लिए टेंडर कर चुके हैं और वर्क ऑर्डर देना है लेकिन 21 करोड़ से अधिक का फंड नगर निगम के पास जमा है। निगम प्रशासन को पत्र भी भेज चुके हैं।
-पीएस पंत
कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी
दोनों ब्रिज की राशि हमारे पास है लेकिन नई प्रशासकीय स्वीकृति पीडब्ल्यूडी को लेना है। उनको यह स्वीकृति मिलते ही फंड ट्रांसफर कर देंगे। ब्रिज की लागत 45 करोड़ हो गई है।
-अभिलाष मिश्रा
आयुक्त नगर निगम










