NSE आईपीओ आज खुलेगा, जानें जीएमपी और निवेश से जुड़ी अहम बातें

भारत के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ आज खुल रहा है। निवेशकों को लंबे समय से इसका इंतजार था। देश के सबसे बड़े एक्सचेंज NSE का 22,569 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) है। इससे कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा और यह रकम सीधे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स की झोली में जाएगी। इश्यू 21 सितंबर को बंद होगा और स्टॉक के 24 सितंबर को BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड 1,700-1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। इसके लिए लॉट साइज आठ शेयर का रखा गया है। इसका मतलब है कि रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए बोली लगाने के लिए कम से कम 14,280 का निवेश करना होगा। इसके बाद की बोलियां आठ शेयरों के मल्टीपल में लगानी होंगी। इसका 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आवंटित किया गया है, जबकि 50% हिस्सा QIBs के लिए रिजर्व है। बाकी हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए उपलब्ध होगा।
एंकर निवेशक
NSE के शेयर बिक्री में बुधवार को 150 से ज्यादा एंकर निवेशक शामिल हुए। इस कैटेगरी के निवेशकों के लिए पेश किए गए कुल शेयरों में से 43% शेयर विदेशी फंड्स ने हासिल किए। एंकर बुक के लिए बोली लगाने वालों में अमेरिका, यूरोप और एशिया के सॉवरेन वेल्थ फंड, ग्लोबल एसेट मैनेजर और लॉन्ग-ओनली फंड शामिल थे। इससे एक्सचेंज को 6,746.18 करोड़ जुटाने में मदद मिली। NSE ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि एंकर निवेशकों को 1,785 प्रति शेयर के भाव पर 3.78 करोड़ शेयर मिले।
क्या आपको सब्सक्राइब करना चाहिए?
इस आईपीओ के लिए ज्यादातर ब्रोकरेज की राय पॉजिटिव है। ₨.1,785 के ऊपरी प्राइस बैंड पर, NSE की वैल्यू FY26 की कमाई का 42.9 गुना है। LKP सिक्योरिटीज ने IPO को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। उसका कहना है किएनएसई का इशू के बाद मार्केट कैप ₨.4.2 लाख करोड़ से ₨.4.42 लाख करोड़ के बीच रह सकता है।
YES सिक्योरिटीज ने भी इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। उसका कहना है कि NSE, P/E के मामले में BSE के मुकाबले 21% डिस्काउंट पर उपलब्ध है। एनालिस्ट्स का कहना है कि लंबे समय के निवेशकों के लिए यह अच्छा मौका है। लेकिन इन्वेस्टर्स को वैल्यूएशन और रेगुलेटरी जोखिमों को नजरअंदाज़ नहीं करना चाहिए। FY26 की कमाई के 42.9 गुना पर, यह IPO सस्ता नहीं है।
बिजनेस मॉडल
NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और ट्रेडिंग, क्लियरिंग, लिस्टिंग, डेटा सर्विस और इंडेक्स लाइसेंसिंग जैसे कई काम एक ही वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर करता है। इसके प्रोडक्ट्स में कैश मार्केट, फ्यूचर्स, ऑप्शंस, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, होलसेल डेट मार्केट और इंटरेस्ट रेट फ्यूचर्स शामिल हैं।
FY01 से FY26 तक, कैश मार्केट टर्नओवर और इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर के मामले में यह एक्सचेंज भारत में टॉप पर रहा है। जून 2026 तक, NSE के पास 132.4 मिलियन यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स, 1,328 ट्रेडिंग मेंबर्स और 3,005 लिस्टेड कंपनियां थीं, जिनका मार्केट कैप लगभग ₨.474.1 ट्रिलियन था।
NSE IPO की खूबियां
NSE की सबसे बड़ी ताकत मार्केट में इसका लगभग दबदबा है। जून 2026 तक, कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी लगभग 93%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.7% और प्रीमियम टर्नओवर के हिसाब से इक्विटी ऑप्शंस में 68.5% थी। NSE ने FY26 में ऑपरेशन्स से ₨.16,601 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो FY25 के ₨.17,141 करोड़ से 3.1% कम है। इसके बावजूद मार्जिन मजबूत बने हुए हैं।
क्या है जोखिम?
जानकारों का कहना है कि इसमें सबसे बड़ा जोखिम ट्रांजैक्शन चार्ज पर निर्भरता है। NSE ने अपने FY26 के रेवेन्यू का 78.7% हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज से कमाया। अकेले ऑप्शंस ने FY26 में ऑपरेशन्स से हुए रेवेन्यू में 60.2% का योगदान दिया। इस वजह से डेरिवेटिव्स में रेगुलेटरी बदलावों पर नजर रखना जरूरी हो जाता है।
क्या चल रहा GMP?
NSE IPO के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 7% है। पिछले कुछ दिनों में इसमें लगातार गिरावट आई है। कुछ दिन पहले यह 255 रुपये के प्रीमियम पर चल रहा था। लेकिन ipowatch.in के मुताबिक इसका जीएमपी घटकर 125 रुपये रह गया है। यानी इसके 1910 रुपये पर लिस्ट होने की संभावना है।









