पायलट का आखिरी मैसेज था, बचेंगे नहीं

अहमदाबाद विमान हादसा…. खाक में खोज रहे अपनों के निशान..
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अब तक 275 शव मिले, डीएनए जांच जारी, 241 सैंपल
अहमदाबाद। प्लेन क्रैश मामले में विमान के पायलट सुमित सभरवाल का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को भेजा गया आखिरी मैसेज सामने आया है। 4-5 सेकंड के संदेश में सुमित कह रहे हैं, ‘मेडे, मेडे, मेडे… थ्रस्ट नहीं मिल रहा। पावर कम हो रही है, प्लेन उठ नहीं रहा। नहीं बचेंगे।’
विमान जिस बीजे मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल बिल्डिंग पर गिरा, उसमें हादसे के वक्त 60 से ज्यादा डॉक्टर, स्टूडेंट्स और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। इनमें से 34 की मौत हुई है। इससे मरने वालों का आंकड़ा 275 (241 विमान सवार और मेडिकल कॉलेज के 34 लोग) हो गया। फ्लाइट में 12 क्रू मेंबर समेत 242 लोग मौजूद थे। इसमें से एक यात्री विश्वास कुमार की जान बच गई। लंदन से अहमदाबाद आने वाली फ्लाइट आज शाम 4 बजे लैंड करेगी। इसमें मृतकों के परिजन और रिश्तेदार आ रहे हैं। उनका डीएनए सैंपल लिया जाना बाकी है। पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के पुत्र ऋषभ रूपाणी डीएनए टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल देने शनिवार सुबह 11 बजे बीजे मेडिकल कॉलेज स्थित कासटी भवन पहुंचे। उनके पिता पूर्व सीएम विजय रुपाणी की भी हादसे में मौत हो चुकी हैं। वह लंदन जा रहे थे।
8 शव परिजन को सौंपे
सिविल अस्पताल में डीएनए सैंपलिंग जारी है। साथ ही यहां अहम बैठक चल रही है। परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो, इस पर चर्चा की जा रही है। अब तक 8 शव परिजनों को सौंपे गए हैं। 241 लोगों की प्रक्रिया पूरी होने वाली है। रिपोर्ट आते ही शव परिजनों को सौंपे जा रहे हैं।
50 शवों की टेस्टिंग चुनौती
नेशनल फोरेंसिंक साइंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर के डायरेक्टर प्रो. डॉ. एसओ जुनारे ने बताया कि डीएनए टेस्टिंग की जिम्मेदारी एनएफएसयू और फोरेंसिक साइंस लैब के पास है। दोनों संगठन एक साथ डीएनए जांच कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादा डीएनए टेस्ट की जरूरत होती है।
जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई गई
नागरिक उडडयन मंत्रालय ने बताया कि एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 के क्रैश के कारणों की जांच के लिए एक हाई लेवल मल्टी डिसीप्लीनरी कमेटी गठित की गई है। यह समिति मौजूदा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स और ऐसे हादसों को रोकने व संभालने के लिए जारी दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगी, और आगे इस तरह की घटनाओं से कैसे निपटना है, इसके लिए दिशानिर्देश सुझाएगी।